Bangladesh Protests: बांग्लादेश में हिंसा बेकाबू, हिंदू युवक की जिंदा जलाकर हत्या, अखबारों के दफ्तरों पर हमले
बांग्लादेश में चुनाव की घोषणा के बाद हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और देश के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी और अराजकता का माहौल बन गया है। निर्दलीय उम्मीदवार उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। ढाका यूनिवर्सिटी और शाहबाग से भड़का आक्रोश धीरे-धीरे राजधानी ढाका से निकलकर चटगांव और मयमनसिंह जैसे बड़े शहरों तक फैल गया है। हालात इतने गंभीर हो गए कि भीड़ ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया। प्रोथोम आलो और डेली स्टार जैसे बड़े अखबारों के दफ्तरों पर हमले किए गए, आगजनी की गई और कर्मचारियों को अपनी जान बचाकर दफ्तर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों अखबारों को अपना प्रकाशन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इसी बीच मयमनसिंह से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। यहां हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को कथित आरोपों के बाद भीड़ ने बेरहमी से पीटा, फिर उसकी हत्या कर शव को जला दिया गया। इस घटना के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में भय और आक्रोश दोनों गहराता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची और भीड़ को समय रहते रोका नहीं जा सका। प्रशासन ने हालात पर काबू पाने का दावा जरूर किया है, लेकिन अब तक इस घटना में कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। देशभर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और आशंका जताई जा रही है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और विस्फोटक हो सकती है।


