Baghpat murder case: बागपत में अवैध संबंध का खूनी अंजाम: हरिद्वार के साधु की कुल्हाड़ी से हत्या, शव नदी में फेंका
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में अवैध संबंधों के चलते एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। हरिद्वार के टकाबरी स्थित रविदास आश्रम के प्रचारक साधु ब्रजेश दास की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि महिला के पति ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद गुस्से में आकर साधु पर ताबड़तोड़ वार किए और हत्या के बाद शव को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में महिला, उसके पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनौली गांव की बताई जा रही है। साधु ब्रजेश दास 5 फरवरी 2025 से लापता थे। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 फरवरी को हरिद्वार के भगवानपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। उत्तराखंड पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ा रही थी।
जांच के दौरान सामने आया कि साधु की आखिरी लोकेशन बागपत के दोघट क्षेत्र में मिली थी। कॉल डिटेल और सर्विलांस से पता चला कि उनकी आखिरी बातचीत शशि नाम की एक महिला से हुई थी। पुलिस ने जब महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पूछताछ में सामने आया कि महिला शशि और साधु ब्रजेश दास रिश्तेदार थे और दोनों के बीच कथित तौर पर अवैध संबंध थे। 5 फरवरी को साधु महिला से मिलने उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि उसी दौरान महिला का पति संजीव अचानक घर पहुंच गया और दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। गुस्से में आकर उसने कुल्हाड़ी से साधु पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी पति ने अपने भाई जोगेंद्र की मदद से शव को कृष्णा नदी में फेंक दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश कर दिया। नदी से शव बरामद कर लिया गया है और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि निजी संबंधों के विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और हिंसा का रास्ता न अपनाएं।



