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Ramban Landslide: रामबन में भारी बारिश और बादल फटने के बाद सेना ने संभाली कमान, NH-44 बहाली का काम तेज

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Ramban Landslide: रामबन में भारी बारिश और बादल फटने के बाद सेना ने संभाली कमान, NH-44 बहाली का काम तेज

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश और बादल फटने के चलते हालात गंभीर हो गए हैं। लेकिन इस मुश्किल वक्त में भारतीय सेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए राहत और बचाव कार्यों की शुरुआत कर दी है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) की कनेक्टिविटी बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।

आपदा के बाद सेना ने जिला उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और ट्रैफिक अधिकारियों के साथ मिलकर समन्वय से काम शुरू किया। भले ही फिलहाल कोई औपचारिक आपातकालीन सहायता नहीं मांगी गई हो, लेकिन सेना पूर्ण रूप से सक्रिय है और हर स्थिति के लिए तैयार खड़ी है।

क्विक रिएक्शन टीम्स ने दिखाई तत्परता

जैसे ही हालात बिगड़े, सेना की क्विक रिएक्शन टीम्स (QRTs) को बनिहाल, कराचियाल, डिगदौल, मैत्रा और चंदरकोट से तुरंत रवाना किया गया। इन टीमों ने न केवल फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, बल्कि उन्हें गरम खाना, चाय, प्राथमिक चिकित्सा और अस्थायी आश्रय भी मुहैया कराया। राहत पाने वालों ने सेना की प्रशंसा करते हुए कहा, “आर्मी है न… सब कुछ ठीक हो जाएगा।”

NH-44 की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को साफ और पुनः चालू करने के लिए भारी मशीनरी तैनात कर दी गई है। KRCL, CPPL और DMR जैसी एजेंसियों के JCB और अन्य उपकरण लगातार काम में जुटे हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हाईवे को पूरी तरह बहाल करने में लगभग 48 घंटे लग सकते हैं।

आठ कॉलम 24×7 स्टैंडबाय पर

किसी भी संभावित जरूरत को देखते हुए सेना के आठ कॉलम (1/1/18 स्ट्रेंथ) प्रमुख स्थानों पर तैनात कर दिए गए हैं। ये कॉलम पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

लोगों में बना विश्वास, उम्मीद जिंदा

भीषण आपदा के बावजूद लोगों का हौसला कायम है। सेना की त्वरित कार्रवाई और राहत प्रयासों से लोगों में आश्वासन की भावना है। स्थानीय निवासी और यात्री सेना की मौजूदगी को संकट में उम्मीद की किरण मान रहे हैं। इस आपदा में भारतीय सेना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह हर हाल में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी है—संरक्षण, सहायता और भरोसे के साथ।

रामबन की इस त्रासदी में जहां एक ओर बर्बादी का मंजर देखने को मिला, वहीं सेना और नागरिक प्रशासन के साझा प्रयासों ने राहत की राह भी खोल दी है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही सामान्य हालात बहाल होने की उम्मीद है।

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