श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की जमानत याचिका पर साकेत कोर्ट में सुनवाई की गई। अदालत ने पूछा कि आरोपी ने अपने लिए वकील रखा है या नही। दरअसल अदालत को बताया गया था कि आफताब की तरफ से वकालतनामा आ चुका है लेकिन जज ने कहा कि तिहाड़ जेल से उनके पास ईमेल से जो रिपोर्ट आई है उसमें आफताब ने किसी वकील को नहीं रखा है। कोर्ट ने उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए पेश करने के लिए कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आफताब से अदालत ने पूछा क्या आप जमानत याचिका दाखिल करना चाहते हैं? उसने कहा कि पहले मैं अपने वकील से बात करूंगा फिर जमानत याचिका दाखिल करने पर विचार करूंगा। अदालत ने श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी से पूछा जब जमानत याचिका नहीं दायर करने की मंशा थी तो वकालतनामा पर हस्ताक्षर क्यों किए थे? इसके जवाब में आफताब पूनावाला ने कहा वकालतनामा पर हस्ताक्षर मैंने किए थे लेकिन मुझे पता नहीं था कि मेरी ओर से जमानत याचिका दायर की जाएगी। इसलिए मैं अपने वकील से मिलना चाहता हूं।
कोर्ट ने कहा कि सोमवार को आपके वकील आपसे मुलाकात करेंगे। अपने वकील से बात करने के बाद आफताब बताएगा कि वह जमानत याचिका लगाना चाहता है या नहीं। इस मामले में अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। पूनावाला की ओर से दायर जमानत याचिका में दलील दी गई है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस को अब चार्जशीट दाखिल करनी होगी। आरोपी के वकील अविनाश कुमार ने इस मामले को लेकर कहा है कि जमानत अर्जी में लिए गए आधार में यह तर्क भी शामिल है कि आरोपी को आगे न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। साथ ही याचिका में कहा गया है कि आगे की न्यायिक हिरासत आफताब के करियर और भविष्य को नुकसान पहुंचाएगी। श्रद्धा मर्डर केस में जांच कर रही दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महरौली के जंगलों से पुलिस ने जो हड्डियां बरामद की थीं उसके नमूने श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर से मैच हो गए हैं। सीएफएसएल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। यानी ये हड्डियां श्रद्धा की ही थीं यह वैज्ञानिक आधार पर साबित हो गया है। इतना ही नहीं डीएनए रिपोर्ट में आफताब के महरौली स्थित फ्लैट के बाथरूम और किचन से मिले खून के ट्रेसेस भी श्रद्धा से मैच कर गए हैं। पुलिस ने ये सबूत आफताब की निशानदेही पर ही महरौली छतरपुर और गुरुग्राम के जंगलों से इकट्ठे किए थे। इस दौरान एक मानव जबड़ा भी मिला था।



