
Delhi Crime: रोहिणी के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से नवजात चोरी, महिला प्रेमी संग गिरफ्तार
नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल से तीन दिन के नवजात के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नियोनेटल वार्ड से एक अज्ञात महिला मासूम बच्चे को अपने साथ लेकर फरार हो गई, जिससे अस्पताल प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में आरोपी महिला को उसके प्रेमी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया और नवजात को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे नॉर्थ रोहिणी थाने में पीसीआर कॉल के जरिए नवजात के अपहरण की सूचना मिली। शिकायतकर्ता साहिन ने बताया कि उन्हें 12 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 14 फरवरी को उन्होंने बेटे को जन्म दिया। लेबर वार्ड में भर्ती रहने के दौरान करीब 30 वर्षीय एक महिला बार-बार उनके पास आती रही और बातचीत के जरिए उनका भरोसा जीत लिया।
बताया जा रहा है कि 17 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे वही महिला दूध पिलाने में मदद का बहाना बनाकर नवजात को मां से लेकर चली गई। भरोसे में आकर मां ने बच्चा उसे दे दिया और फिर सो गईं। सुबह करीब 8 बजे जब उनकी नींद खुली तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे। इसके बाद परिवार ने तुरंत अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी रोहिणी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वार, कॉरिडोर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में संदिग्ध महिला को नवजात को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर जाते हुए देखा गया। इसके बाद आसपास के जिलों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अलर्ट जारी किया गया।
तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने मेरठ एक्सप्रेसवे पर दबिश देकर महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी दिल्ली से बाहर भागने की कोशिश में थे। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बरामद कर मेडिकल जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी महिला की कोई संतान नहीं थी और वह बच्चा अपने पास रखना चाहती थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले से अस्पताल की रेकी कर रही थी या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी इस मामले में है।
अस्पताल प्रशासन से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब तलब किया गया है। विज़िटर रजिस्टर, वार्ड अटेंडेंट और सुरक्षा गार्ड से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदिग्ध महिला वार्ड तक कैसे पहुंची और सुरक्षा में कहां चूक हुई।
यह घटना राजधानी के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





