महाशिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ भोले के जयकारों से गूंज उठा शहर
– रविंद्र कुमार –
नई दिल्ली , महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। व्रत, अभिषेक और विशेष पूजन के साथ यह पर्व शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि का पर्व दिल्ली के राजधानी दिल्ली में पूरी श्रद्धा और सुव्यवस्थित वातावरण में मनाया गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही विभिन्न शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव का जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भस्म और धतूरा अर्पित कर अभिषेक किया। क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव चालीसा पाठ एवं विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। कई स्थानों पर शिव पुराण कथा और अखंड पाठ का आयोजन भी किया गया। लक्ष्मी नगर, शकरपुर, गीता कॉलोनी, कृष्णा नगर, प्रीत विहार और मयूर विहार, शाहदरा यमुना विहार, अशोक नगर,भजनपुरा,करावल नगर मंडोली रोड रामनगर सहित आसपास के इलाकों के शिव मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए।

मंदिर परिसरों के आसपास बैरिकेडिंग की गई तथा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सेवा शिविर लगाए गए। सेवा शिविरों में जल, फल एवं प्रसाद का वितरण किया गया। कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा, जबकि युवाओं और बच्चों में भी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
जगह-जगह भगवान शिव की बारात की झांकियां क्षेत्र में देखने को मिली। शाम होते ही मंदिरों में दीप प्रज्वलन किया गया और भजन-कीर्तन व जागरण कार्यक्रम प्रारंभ हुए, जो देर रात तक चलते रहे। धार्मिक विद्वानों के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक पर्व है तथा इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन के दुख-कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पर्व के दौरान पूरे यमुनापार क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रही। कुल मिलाकर महाशिवरात्रि का पर्व भक्तिमय वातावरण और सामाजिक सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।



