रैन बसेरों की हालत देख हाई कोर्ट को देने पड़े निर्देश : विपिन शर्मा
बदहाल पड़े हैं ज्यादातर रैनबसेरे
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : करीब बीस दिन पहले दिल्ली सरकार के मंत्री नें दावा किया था राजधानी दिल्ली में ठंड के चलते पर्याप्त मात्रा में रैन बसेरों में बिस्तरों की व्यवस्था की गई है और उनमें तमाम तरह की जन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है | हालांकि उस वक्त भी कांग्रेस नेताओं नें दिल्ली के रैन बसेरों में सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए थे लेकिन दिल्ली सरकार केवल बयानबाजी में यकीन रखती है जबकि जमीन पर उतर कर कुछ नहीं करती बल्कि अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का ही काम करती है | यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का | विपिन शर्मा का कहना है दिल्ली के अनेक रैनबसेरों में ना तो लोगो के लिए साफ़ बिस्तरों की व्यवस्था है और ना ही वहां अन्य सुविधाएँ है | माननीय न्यायालय की टिप्पणी के बाद दिल्ली सरकार को समझ आ जानी चाहिए आखिर क्या कमी है रैनबसेरों में | विपिन शर्मा कहते हैं कड़ाके की ठंड के बीच रैन बसेरा में बेसहारा लोगों के रहने लिए जगह व सुविधाओं की कमी के मामले का दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की कि भगवान न करें, अगर हममें से किसी को रैन बसेरा में एक रात रुकना पड़े, तो हमें नहीं पता कि क्या होगा | अधिकारियों से संवेदनशील बनने की अपील करते हुए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) को नोटिस जारी करते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। विपिन शर्मा कहते हैं दिल्ली सरकार को हर मामले में न्यायालय से फटकार खाने की आदत सी पड़ गई है | इससे पहले भी प्रदूष्ण का मसला रहा हो या मानसून के दौरान जलभराव का दिल्ली सरकार सभी मामलों में फिसड्डी ही साबित रही है और कई ऐसे मौके आये जब माननीय न्यायलय को निर्देश देने पड़े | पीठ ने अधिकारियों की तरफ से पेश वकील को निर्देश दिया कि वह रैन-बसेरों में निवासियों को भीषण ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के वास्ते उठाए गए कदमों के बारे में निर्देश लें। पीठ ने कहा, “आपने क्या किया है | अगर हममें से किसी को भी वहां एक रात बितानी पड़े, तो हमें नहीं पता कि क्या होगा। थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं। इस मुद्दे पर “कुछ करने” के पीठ के निर्देश पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि यह “एक मानवीय समस्या है, जिसका समाधान किया जाना चाहिए। विपिन शर्मा कहते हैं माननीय न्यायालय के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार को जमीन पर आ काम करना चाहिए |



