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COVID19 Active Cases: देश में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: एक्टिव केस 4 हजार के पार, ICMR बोला- घबराएं नहीं, सतर्क रहें

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COVID19 Active Cases: देश में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: एक्टिव केस 4 हजार के पार, ICMR बोला- घबराएं नहीं, सतर्क रहें

नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस का खतरा सिर उठाने लगा है। देशभर में कोविड-19 के एक्टिव केस 4,000 के आंकड़े को पार कर चुके हैं, और बीते 24 घंटों के भीतर इस महामारी ने पांच और जिंदगियां छीन ली हैं। ये मौतें केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से रिपोर्ट हुई हैं, जिनमें से सभी मरीज पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) दोनों ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में फैल रहा कोरोना का नया स्ट्रेन तेजी से फैलता जरूर है, लेकिन यह गंभीर बीमारी का कारण कम बन रहा है।

कोरोना की मौजूदा स्थिति: देशभर में 4026 एक्टिव केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कोविड-19 के एक्टिव केस अब बढ़कर 4026 हो गए हैं। केवल महाराष्ट्र में ही बीते 24 घंटे में 59 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 20 अकेले मुंबई से हैं। महाराष्ट्र में इस साल एक जनवरी से अब तक कुल 873 लोग संक्रमित हो चुके हैं और वर्तमान में यहां एक्टिव केसों की संख्या 800 से अधिक है। वहीं, पश्चिम बंगाल में 44, कर्नाटक में 87 नए मामले सामने आए हैं। कर्नाटक में अब कुल 311 एक्टिव केस हो चुके हैं और पश्चिम बंगाल में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 331 है।

24 घंटे में 5 लोगों की मौत, सभी को पहले से गंभीर बीमारियां
बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 5 लोगों की जान गई है। केरल में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई, जो पहले से निमोनिया, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। महाराष्ट्र में 70 और 73 साल की दो महिलाओं की मौत हुई जो डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। तमिलनाडु में 69 वर्षीय महिला की मौत हुई, जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज और पार्किंसन था। पश्चिम बंगाल में 43 साल की एक महिला की जान गई, जिन्हें एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम, सेप्टिक शॉक और किडनी फेल्योर की दिक्कत थी। इससे पहले दिल्ली में भी एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो चुकी है, जो आंतों की बीमारी से पीड़ित थीं और बाद में कोविड संक्रमित हो गई थीं।

नया वैरिएंट NB.1.8.1: तेजी से फैलता है, बीमारी हल्की होती है
ICMR ने बताया है कि देश में कोरोना के मामलों में जो हालिया उछाल देखने को मिल रहा है, उसके पीछे ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट NB.1.8.1 है। यह वैरिएंट अत्यधिक संक्रामक जरूर है, लेकिन इससे उत्पन्न बीमारी अधिक गंभीर नहीं होती। इसके लक्षण मौसमी फ्लू जैसे हैं, जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, बदन दर्द, नाक बहना और भूख में कमी। अधिकतर मामलों में होम आइसोलेशन और सामान्य इलाज से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं।

वैक्सीनेशन की भूमिका: संक्रमण से बचाव और हर्ड इम्युनिटी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड वैक्सीन अब भी संक्रमण के खिलाफ एक प्रभावी हथियार है। टीकाकरण न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि सामाजिक स्तर पर हर्ड इम्युनिटी के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है। जब बड़ी आबादी किसी संक्रमण के प्रति प्रतिरक्षित होती है, तो उसके फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है। गौरतलब है कि SARS-CoV-2 वायरस में बहुत अधिक बदलाव नहीं हुआ है, जिससे वैक्सीन प्रभावी बनी हुई है।

केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट, अस्पतालों में तैयारियां तेज
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों और ICU बेड की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर टेस्टिंग बढ़ाएं और किसी भी संभावित लहर के लिए तैयारी रखें।

केंद्रीय मंत्री जाधव का बयान: पूरी तरह तैयार है केंद्र
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संसद में कहा है कि केंद्र सरकार किसी भी कोविड आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पिछली लहरों के अनुभवों से सीखे गए सबक और तैयार किए गए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ऑक्सीजन प्लांट्स, वेंटिलेटर्स, आइसोलेशन वार्ड्स और ICU बेड को एक बार फिर सक्रिय किया जा रहा है। केंद्र सभी राज्यों के संपर्क में है और उनकी जरूरतों के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

निष्कर्ष: सतर्क रहें, घबराएं नहीं
विशेषज्ञों और सरकार की ओर से साफ संदेश है — कोविड की वापसी भले हो रही हो, लेकिन इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। अगर लोग मास्क पहनें, वैक्सीन की बूस्टर डोज़ लें, सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, तो स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सकता है।

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