Operation Sindoor: भारतीय सेना ने LoC पर पाकिस्तानी आर्मी के 40 जवानों को मार गिराया: DMGO
पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंक के ठिकानों पर केंद्रित भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। रविवार को तीनों सेनाओं के डायरेक्टर जनरल्स ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस विशेष अभियान की जानकारी साझा की। डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि भारतीय सेना ने सीमापार 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। इन मारे गए आतंकियों में कंधार विमान अपहरण और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक और मुदस्सिर अहमद जैसे नाम शामिल हैं, जिनकी लंबे समय से भारतीय एजेंसियां तलाश कर रही थीं।
राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी की जा रही थी, जिसका भारत ने इस बार बेहद सख्त और निर्णायक जवाब दिया है। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सेना के 30 से 40 जवान और अफसर भी मारे गए हैं। डीजीएमओ ने बताया कि पाकिस्तान ने अपने नागरिक विमानों को सुरक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की ताकि भारत जवाबी हमले में पीछे हट जाए, लेकिन भारतीय सेना ने सिर्फ आतंकी अड्डों और सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया और आम नागरिकों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया।
सेना के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर और मुरीदके में स्थित आतंकवाद के बड़े ठिकानों पर भी बमबारी की गई, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। ये वही इलाकें हैं जहां लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की कमान संभाली जाती है। डीजीएमओ घई ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने भारत के सैन्य ठिकानों और एयर स्ट्रिप्स को छोटे ड्रोन और यूएवी के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर दिया और अपने सैन्य ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित रखा।
इस पूरे अभियान में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने तालमेल के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन सिंदूर में न केवल सीमा पार आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया बल्कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को भी तगड़ा झटका दिया गया है। भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा और भविष्य में भी आतंकवाद के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।



