India-Pakistan Conflict: भारत का पाकिस्तान पर वॉटर प्रहार, सलाल डैम के गेट खोल बहाया चिनाब का पानी
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब पानी के मोर्चे तक पहुंच गया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के रिश्ते और तल्ख हो गए हैं। अब भारत ने रणनीतिक रूप से पाकिस्तान पर ‘वॉटर प्रहार’ करते हुए जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने सलाल डैम के कई गेट खोल दिए हैं। इसके चलते पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का प्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया है, जिससे वहां बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह 8:15 बजे रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के गेट भी खोल दिए गए। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पड़ने वाले इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था और पहले से डांवाडोल कृषि व्यवस्था पर एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भारत ने चिनाब नदी पर बने सलाल और बगलिहार डैम के गेट बंद कर दिए थे, जिससे पाकिस्तान में पानी का प्रवाह काफी कम हो गया था। जहां पहले चिनाब नदी में पानी का स्तर 25 से 30 फीट तक रहता था, वह घटकर केवल 2 से 3 फीट तक आ गया था। इससे पाकिस्तान में कृषि संकट गहराने लगा था। लेकिन अब भारी बारिश के चलते जलाशयों के भर जाने के बाद भारत ने गेट खोलने का फैसला किया है, जिससे पाकिस्तान के सिंधु नदी प्रणाली वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
रामबन और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से भारी वर्षा हो रही है, जिसके कारण भारत को डैम के गेट खोलने पड़े। हालांकि जानकार इसे सिर्फ प्राकृतिक कारणों से उठाया गया कदम मानने के बजाय रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि के तहत पानी के बंटवारे को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं, और मौजूदा हालात में यह प्रहार पाकिस्तान के लिए दोहरी मुश्किलें लेकर आया है।
इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के पंजाब और सिंध इलाकों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। वहीं भारत में इसे पाकिस्तान के खिलाफ पानी को हथियार बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति बनी तो इससे वहां की कृषि उत्पादन, बिजली उत्पादन और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। भारत के इस कदम ने साफ कर दिया है कि वह अब हर मोर्चे पर पाकिस्तान की हरकतों का करारा जवाब देने की नीति अपना रहा है।



