मेजबान भारत हॉकी विश्व कप 2023 के नॉकआउट दौर में पहुंचने से चूक गया है। भारत को बेहद रोमांचक क्रॉसओवर मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से हराया और अंतिम-8 में पहुंच गया। भारतीय टीम एक समय मुकाबले में 3-1 से आगे थी लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड ने न सिर्फ वापसी कर स्कोर 3-3 से बराबर किया बल्कि शूटआउट में जीत दर्ज कर भारतीय टीम और फैंस के दिल तोड़ दिए। विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय टीम ने अपने स्तर के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और शुरुआती हाफ में एक समय 2-0 की बढ़त हासिल करने के बाद न्यूजीलैंड को वापसी का मौका दे दिया।
अभी तक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारने वाली भारतीय टीम मुकाबले की शुरुआत से ही इस मैच को जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। मुकाबले की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड ने भारत को बराबर की टक्कर दी। पहले क्ववार्टर में कोई गोल नहीं हुआ जिसके बाद दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में ललित कुमार उपाध्याय ने गोल कर डेडलॉक तोड़ा। 24वें मिनट में पेनल्टी कॉनर को सुखजीत सिंह की बदौलत गोल में बदला और भारत 2-0 से आगे हो गया। जैसे ही टीम इंडिया को 2-0 की बढ़त मिली, न्यूजीलैंड ने हमले तेज कर दिया। इसका फायदा उसे चार मिनट बाद ही मिल गया। 28वें मिनट में सैम लेन ने गोलकर भारत के अंतर को कम कर दिया। हाफटाइम भारत 2-1 से आगे था। इसके बाद उसने 40वें मिनट में एक और गोल किया। वरुण कुमार ने पेनाल्टी कॉर्नर पर बेहतरीन गोल किया। 3-1 की बढ़त के बाद ऐसा लगा था कि अगले 20 मिनट टीम इंडिया आसानी से पार कर जाएगी, लेकिन न्यूजीलैंड के इरादे कुछ और थे।
न्यूजीलैंड के लिए केन रसेल ने 43वें और सीन फैंडले ने 49वें मिनट में गोल कर स्कोर को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। यहां से एक भी गोल नहीं हो सका। 60 मिनट तक स्कोर 3-3 पर रहने के बाद मैच पेनाल्टी शूटआउट में पहुंच गया। वहां टीम इंडिया के गोलकीपर पीआर श्रीजेश और कृष्ण पाठक ने मिलकर कुल चार बचाव किए। इसके बावजूद भारत को जीत हासिल नहीं हुई। न्यूजीलैंड ने हॉकी की तरह क्रिकेट में भी भारत का सपना तोड़ा है। 2019 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया दमदार खेल दिखा रही थी। लेकिन सेमीफाइनल में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ ही हार मिली थी। 2021 में हुए टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी टीम इंडिया न्यूजीलैंड से हारी थी। इसके अलावा 2021 टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप राउंड में भी न्यूजीलैंड से हारने के साथ ही भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी।
हॉकी विश्व कप से बाहर होने के साथ ही भारत का 1975 के बाद पदक जीतने का सपना भी टूट गया। भारत अगर इस मैच को जीत लेता तो वह क्वार्टर फाइनल में 24 जनवरी को बेल्जियम के खिलाफ खेलता। अब न्यूजीलैंड उस मुकाबले में गत चैंपियन टीम का सामना करेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने के कारण भारत सीधे क्वार्टरफाइनल में नहीं पहुंच सका था। उसे पूल सी में तीसरे पायदान पर रहने वाली न्यूजीलैंड का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया हॉकी रैंकिंग में छठे और न्यूजीलैंड 12वें स्थान पर है। ऐसे में लग रहा था भारत आसानी से मैच को जीत लेगा।



