पेपर लीक को रोकने के लिए भाजपा सरकार ने बहुत कड़ा कदम उठाया : डॉ यूके चौधरी
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन बिल को 24 जुलाई 2026 को मंजूरी दे दी है। इसी विषय पर बात करते हुए भाजपा उत्तर पूर्वी जिला अध्यक्ष डॉ यू के चौधरी ने कहा कि इस नए ड्राफ्ट बिल में दोषियों के लिए बेहद कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक या परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अब कानून और भी सख्त होगा। डॉ यू के चौधरी ने बताया कि ड्राफ्ट बिल में ऐसे व्यक्तियों के लिए न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 5 साल और अधिकतम सजा को 10 साल करने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उन पर 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। डॉ यू के चौधरी ने बताया कि अगर पेपर लीक किसी संगठित गिरोह द्वारा किया जाता है तो इसके परिणाम और भी भयंकर होंगे। उन्होंने बताया कि नए संशोधन विधेयक में संगठित अपराध के मामलों में न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 7 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है और इसके अलावा ऐसे मामलों में शामिल गिरोहों या संस्थाओं पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा ताकि पेपर लीक माफियाओं की कमर तोड़ी जा सके। श्री चौधरी ने कहा की इस बिल का एक बड़ा पहलू यह है कि इसमें जांच प्रक्रियाओं को लटकाने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक को रोकने के लिए भाजपा सरकार ने यह बहुत ही कड़ा कदम लिया है जो समय की जरूरत भी था।



