रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर शिकायत दर्ज हो गई है। ये शिकायत दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल की तरफ से चंद्रशेखर के खिलाफ ये शिकायत दर्ज करवाई गई है। अभी तक इस एक्शन पर बिहार के शिक्षा मंत्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। बता दे की रामचरितमानस और मनु स्मृति को नफरत फैलाने वाले ग्रंथ कहकर विवाद में आए शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि हम अपने बयान पर कायम हैं। बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने यह बात कही थी। इसके बाद से ही उन्हें आलोचना झेलनी पड़ रही है।
अयोध्या के एक महात्मा परमहंस आचार्य ने तो यह कह दिया कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काट कर लाने वाले को दस करोड़ रुपये का पुरस्कार देंगे। शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। जिन्हें मेरी जीभ काटनी है वह काट लें, अमीर हो जाएंगे। हम तो जलने वाले लोग हैं। जब तक जलेंगे नहीं तब तक निखरेंगे नहीं।
प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने बिहार के शिक्षा मंत्री के विवादित बयान को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री चंद्रशेखर को शिक्षा की जरूरत है। कुमार विश्वास ने कहा कि बिहार के मंत्री भगवान के नाम को निरर्थक कर रहे है। दरअसल, मंत्री चंद्रशेखर ने कहा था कि रामचरितमानस ग्रंथ दुनिया में नफरत फैलाने का काम करती है। चंद्रशेखर के इसी बयान को लेकर लोगों में रोष है। कुमार विश्वास ने कहा कि चंद्रशेखर को ”अपने-अपने राम” शो में भेजना चाहिए। बता दें कि यह कुमार विश्वास का ही शो है।
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष डा. आरएन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर चौपाल ने कहा है कि अगर मंत्री अपनी टिप्पणी वापस नहीं लेते हैं तो उनके विरुद्ध आन्दोलन किया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार अपने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो यही माना जाएगा कि मंत्री ने जो कुछ कहा है, वह राज्य सरकार का आधिकारिक वक्तव्य है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी मामले को लेकर जदयू की भरसक आलोचना की है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही जगदानंद ने कहा था कि रामजन्मभूमि नफरत की जमीन है। इसे लेकर पूनावाला ने कहा कि यह संयोग नहीं वोट बैंक का उद्योग है।



