सत्य के साथ • आपके साथशुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Air Pollution: करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं: डॉ. एम. एल. भास्करChhath Puja Preparation: छठ महापर्व से पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी दिल्ली सरकार: दीपक गाबाCongress Rally: रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली को सफल बनाने का महेंद्र भास्कर ने किया आह्वानGhaziabad Crime: पत्नी के जिम ट्रेनर ने घर में घुसकर पति पर चाकू से किया हमला, CCTV में कैद हुई वारदात; दोनों आरोपी गिरफ्तारDelhi Financial Assistance: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 51 नवविवाहित महिलाओं को दिए एक-एक लाख रुपये, करवा चौथ पर मिला खास तोहफाDelhi-Mumbai Expressway Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस में घुसी कार, पति-पत्नी और 12 साल की बेटी की मौत; दो बच्चे गंभीर घायलDelhi Robbery: लाहौरी गेट में दिनदहाड़े 2.30 करोड़ रुपये की लूट, पिस्टल दिखाकर कर्मचारियों को धमकाया; CCTV खंगाल रही पुलिसDelhi Lawyers Strike: ACP और SHO के तबादले के बाद वकीलों की हड़ताल खत्म, शिकायतों की जांच के लिए तय हुई समयसीमा

खुद को स्वास्थ्य मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों से 15 करोड़ रुपये ठगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार

2 मिनट पढ़ें

खुद को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अधिकारी बताकर को कोविड टीकों की ढुलाई का आर्डर दिलाने के बहाने छह लोगों को 15 करोड़ रुपये का कथित रूप से चूना लगाने के आरोप में 49 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आज इसकी जानकरी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 49 वर्षीय आरोपी उमेश बत्रा को गिरफ्तार किया है जो एक निर्माण कंपनी में काम करता था लेकिन लॉकडाउन में उसकी वित्तीय स्थिति डवांडोल हो गयी और वह इस घोटाले के सरगनाओं हारमेन सभरवाल, गोविंद तुलश्यान और तीन अन्य के साथ मिलकर लोगों को ठगने लगा। उसके अनुसार बाकी लोग भी गिरफ्तार किये जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि लोगों ने शिकायत की कि कोविड टीकों की ढुलाई का काम दिलाने के बहाने उनसे तीन-चार करोड़ रुपये ठग लिये गये जिसके बाद जांच शुरू की गयी। पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच के बाद मामला दर्ज किया गया और गहन जांच शुरू की गयी। उसके मुताबिक छह शिकायतकर्ता सामने आये और ठगी गयी राशि कुल 15 करोड़ रुपये निकली।

पुलिस उपायुक्त एम आई हैदर ने बताया कि जांच से खुलासा हुआ कि मई, 2021 में आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया और उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से कोविड टीकों की ढुलाई का काम दिलाने की पेशकश की।उन्होंने कहा, ‘‘ उनका विश्वास जीतने के लिए आरोपी उन्हें मंत्रालय ले गये जहां निर्माण भवन के परिसर में स्थित है। उन्होंने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताया और काम आर्डर के फर्जी कागजातों पर उनके हस्ताक्षर ले लिये। इन फर्जी काम आर्डर के एवज में आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं से 15 करोड़ रुपये लिये।’’ हैदर ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों एवं अन्य विवरणों को खंगालने से पता चला कि भारी-भरकम राशि जमा करायी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘बत्रा ने खुद को स्वास्थ्य मंत्रालय का अधिकारी के रूप में पेश किया जो कांफ्रेंस रूम से काम करता है। उसे अन्य आरोपी प्रफुल्ल कुमार नायक इस धंधे में अपने साथ लाया था। बत्रा अपने घर से फरार था और उसका पता लगाने एवं उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे थे और तलाशी की जा रही थी।’

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *