अफगानिस्तान में एक बार फिर आतंकी हमले की खबर सामने आई है। आज एक बार फिर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में धमाका हुआ है। हमलावरों ने काबुल के चीनी होटल में घुसकर फायरिंग भी की। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। वहीं इस हमले की जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 3 हमलावरों को ढेर कर दिया। हालांकि पिछले साल से अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के सत्ता में वापसी के बाद से उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार का दावा किया है, लेकिन अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से भी देश में धमाके, विस्फोट और गोलीबारी होती रही है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब शुक्रवार को ही चीन के एम्बेसेडर ने काबुल में अपनी एम्बेसी की सिक्योरिटी को लेकर तालिबान के अफसरों से बातचीत की थी। दो हफ्ते पहले इसी इलाके में मौजूद पाकिस्तान की एम्बेसी पर फायरिंग की गई थी। इसमें एक पाकिस्तानी डिप्लोमैट घायल हो गया था। इस मुलाकात में उन्होंने चीन के दूतावास की सुरक्षा के लेकर चिंता जताई थी। काबुल के जिस होटल पर हमला हुआ है, उसे ‘चाइनीज होटल’ के तौर पर भी जाना जाता है।अभी तक चीनी दूतावास की तरफ से इस हमले पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
अफगानिस्तान में हाल के कुछ महीनों में कई हमले हुए हैं। इनमें से कुछ की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। माना जा रहा है कि आईएसकेपी के आतंकियों ने चीनी होटल पर हमला किया है। इसी आतंकी संगठन ने ही पिछले दिनों पाकिस्तान के चीन में राजदूत पर जानलेवा हमला किया था। घटना के दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने मीडिया को बताया कि पहले बहुत तेज धमाका हुआ और फिर भारी गोलीबारी की गई। तालिबान के सूत्रों के मुताबिक, “हम पाकिस्तान समर्थित इस्लामिक स्टेट द्वारा हमले की संभावना से वाकिफ थे। पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और चाहता है कि वह फिर से आतंकी राज्य घोषित करे।



