दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में अनियमितताओं के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक के खिलाफ आरोप तय कर दिए। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह के कोर्ट ने कहा कि चारों पर आरोप तय करने के लिए इस मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री है। इस मामले में चारों ने खुद को बेकसूर बताते हुए ट्रायल की मांग की है। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने कहा कि डीसीडब्ल्यू द्वारा विभिन्न तिथियों पर आयोजित बैठकों के विवरण जिसमें सभी चार अभियुक्त हस्ताक्षरकर्ता थे, के अवलोकन ‘प्रथम दृष्टया इस संदेह की ओर इशारा करते हैं कि जिन नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए हैं वे आरोपियों ने एक दूसरे के साथ मिलीभगत करके की।
न्यायाधीश ने कहा, ‘परिस्थितियां प्रथम दृष्टया आरोपी व्यक्तियों के बीच इस तरह की साजिश का संकेत देती हैं।’ अदालत ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13 (1) (डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्ष व भाजपा की पूर्व विधायक बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि 6 अगस्त, 2015 और 1 अगस्त, 2016 के बीच डीसीडब्ल्यू में 90 नियुक्तियां की गईं। इनमें 71 लोगों को अनुबंध जबकि 16 को ‘डायल 181’ संकट हेल्पलाइन के लिए नियुक्त किया गया।



