झारखंड के धनबाद में रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान बीती रात बड़ा हादसा हो गया। प्रधानखंता स्टेशन से सटे छताकुली गांव के पास रेलवे ट्रैक पर रात आठ बजे मालगाड़ी गुजरने से ऊपर की मिट्टी नीचे धंस गई। मिट्टी में दबने से चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो घायल हैं। हादसे के बाद लोगों में आक्रोश है। सूचना मिलने के बाद आलाधिकारी मौके पर पहुंचे पर ग्रामीणों ने डीआरएम समेत अन्य अफसरों को घटना स्थल पर नहीं जाने दिया।
मिट्टी गिरने पर कुल छह मजदूर मलबे में फंस गए
परिजन और ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। समझाने बुझाने पर करीब 3 घंटे बाद गांव वाले शांत हुए और तब जाकर अफसर घटना स्थल का निरीक्षण कर पाए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रात में यहां अंडरपास का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इस दौरान मालगाड़ी ऊपर से गुजर गई जिसके बाद ऊपर की मिट्टी काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरी। मजदूर जमीन से करीब 10 फीट नीचे काम कर रहे थे। अचानक ऊपर से मिट्टी गिरने पर कुल छह मजदूर मलबे में फंस गए। दो लोगों को घायल अवस्था को बाहर निकाला गया है जबकि चार के शव अब तक नहीं मिल पाए हैं।
दुर्घटना रात को आठ बजे हुई और अधिकारी 11 बजे पहुंचे
ग्रामीणों ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मिट्टी में दबने वाले मजदूरों में 45 वर्षीय निरंजन महतो, 40 वर्षीय पप्पू कुमार महतो, 30 वर्षीय विक्रम कुमार महतो और 25 वर्षीय सौरभ कुमार धीवर हैं। निर्माण कार्य के दौरान रेलवे का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं था। बलियापुर थाना को सूचना दिए जाने के बाद भी रात 10 बजे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इससे लोगों में काफी आक्रोश हैं। घटना के बाद काम करा रहे ठेकेदार के कर्मचारी भाग गए। बताते हैं कि रेलवे अंडरपास का काम यहां कई दिनों से ठेकेदार की ओर से कराया जा रहा था। दुर्घटना रात को आठ बजे हुई जबकि अधिकारी 11 बजे मौके पर पहुंचे।



