महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तंत्र विकसित कर रही है रेखा सरकार: रेखा रानी
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार) : महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में सहायता व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन में निगरानी, कार्यस्थलों पर शिकायत निवारण और बच्चों के संरक्षण से जुड़े कदमों पर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की ओर से महिलाओं को संकट के समय सहायता उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हुए भजनपुरा वार्ड की निगम पार्षद रेखा रानी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा समाज और सरकार दोनों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं के माध्यम से महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। रेखा रानी ने कहा कि महिलाओं को केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समय पर सहायता, परामर्श, आश्रय और आवश्यक कानूनी सहयोग भी मिलना चाहिए। दिल्ली में वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन हेल्पलाइन 112 तथा बच्चों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी व्यवस्थाएं जरूरतमंद लोगों को सहायता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना भी आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग बिना देरी किए मदद ले सकें। उन्होंने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए आंतरिक समितियों, स्थानीय समितियों और शी-बॉक्स के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, प्रत्येक महिला को यह विश्वास होना चाहिए कि यदि उसके साथ कार्यस्थल पर उत्पीड़न होता है, तो वह बिना भय के शिकायत कर सकती है और उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। रेखा रानी ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा के इंतजामों का उल्लेख करते हुए कहा कि बसों में मार्शल की तैनाती, महिला विशेष बसों का संचालन, जीपीएस आधारित निगरानी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शाम और रात के समय सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और अन्य महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों, निगरानी कैमरों और शिकायत निवारण व्यवस्था को भी महिला सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि अंधेरे वाले स्थानों की पहचान कर वहां पर्याप्त रोशनी और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। पार्कों, बाजारों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा भी आवश्यक है। बच्चों की सुरक्षा पर जोर देते हुए रेखा रानी ने कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी, छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, बाल संरक्षण इकाइयों और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या उपेक्षा की शिकायत मिलने पर संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए।



