Himachal Road Accident: चंडीगढ़-मनाली हाईवे की हणोगी टनल में दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत, 4 की मौत और 7 घायल
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हणोगी टनल में गुरुवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। टनल के अंदर दो ट्रकों के बीच हुई जोरदार टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों ट्रकों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और टनल के अंदर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब पौने आठ बजे हुआ। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित हणोगी टनल से दो ट्रक गुजर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर की आवाज के बाद टनल में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और आसपास के लोग मदद के लिए आगे आए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हुए। राहत एवं बचाव टीमों ने घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घायलों का उपचार कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे की पुष्टि डीएसपी लोकेंद्र नेगी ने की है।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों को भारी नुकसान पहुंचा है। खास तौर पर एक ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक टनल के बीच में ही खड़ा रह गया, जिसके कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि सड़क को जल्द से जल्द साफ कर यातायात सामान्य किया जा सके। हादसे के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर दो ट्रकों के बीच टक्कर की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना किस वजह से हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
हणोगी टनल हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यह टनल पंडोह और औट के बीच पड़ती है और कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं।
हणोगी टनल में हुए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। टनल के भीतर हादसा होने की स्थिति में राहत और यातायात प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की टीमों को दुर्घटना के बाद तत्काल राहत कार्य शुरू करना पड़ा।
इसी बीच कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भी भीषण सड़क हादसा हुआ था। वहां तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में पति-पत्नी समेत चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए थे। हादसे में जान गंवाने वाले लोग धार और इंदौर जिले के रहने वाले बताए गए थे।
रतलाम हादसे में घायलों को उपचार के लिए रतलाम के चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेजा गया था। पुलिस के अनुसार, सड़क हादसों में तेज रफ्तार, वाहनों की स्थिति और सड़क पर खड़े भारी वाहनों जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश के हणोगी टनल हादसे में पुलिस की जांच जारी है। क्षतिग्रस्त ट्रकों को हटाने के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। हादसे में चार लोगों की मौत के बाद उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी की जा रही है, जबकि घायल सात लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है।



