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Atal Canteen Delhi अटल कैंटीन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनी बड़ी राहत : मुकेश गोयल

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Atal Canteen Delhi अटल कैंटीन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनी बड़ी राहत : मुकेश गोयल

नई दिल्ली (रविंद्र कुमार) : दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन योजना के तहत राजधानी में जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पहल का उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद प्रतिनिधि मुकेश गोयल ने स्वागत किया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर 25 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा नेहरू नगर, लाजपत नगर से इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसके बाद कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती, गीता कॉलोनी, द्वारका सेक्टर-3 सहित दिल्ली के अनेक क्षेत्रों में अटल कैंटीनों का विस्तार किया गया। फरवरी 2026 में 25 और कैंटीन शुरू होने के साथ इनकी संख्या 71 तक पहुंच गई थी। मुकेश गोयल ने कहा कि अटल कैंटीन योजना दिल्ली के गरीब, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वालों, रिक्शा चालकों, घरेलू सहायकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। महंगाई के दौर में केवल 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध होना उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो दिनभर मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक संचालित अटल कैंटीनों में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग भोजन कर रहे हैं। योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि गरीब व्यक्ति को भोजन के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वह निर्धारित राशि देकर सम्मान के साथ भोजन प्राप्त करता है। इससे जरूरतमंद लोगों के आत्मसम्मान की भी रक्षा होती है। सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि नेहरू नगर, द्वारका सेक्टर-3, कृष्णा नगर और गीता कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में अटल कैंटीनों का संचालन यह दर्शाता है कि योजना को उन इलाकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर आबादी बड़ी संख्या में रहती है। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन में मिलने वाला भोजन स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण रहना चाहिए। यदि भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर लगातार निगरानी रखी जाती है तो यह योजना दिल्ली के मेहनतकश और गरीब वर्ग के लिए लंबे समय तक बेहद उपयोगी साबित होगी। मुकेश गोयल ने कहा कि कई मजदूर और कामगार सुबह घर से निकलकर देर शाम तक काम करते हैं। उन्हें कम कीमत में भरपेट भोजन मिलने से न केवल उनकी जेब पर बोझ कम होता है, बल्कि उन्हें पौष्टिक भोजन भी मिल पाता है। ऐसी व्यवस्था खासकर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी रोज की आमदनी सीमित है। उन्होंने कहा कि सरकार को अटल कैंटीनों का विस्तार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उन इलाकों तक भी करना चाहिए, जहां बड़ी संख्या में मजदूर, झुग्गी-बस्ती में रहने वाले परिवार और अन्य जरूरतमंद लोग रहते हैं। इससे योजना का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सकेगा। मुकेश गोयल ने दिल्ली सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जनकल्याण की किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका सीधा लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। अटल कैंटीन इसी भावना को जमीन पर उतारने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस योजना का लगातार विस्तार किया जाना स्वागत योग्य है और आने वाले समय में अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए।

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