Home आमने सामने पैदल यात्रियों के हक की आवाज बने है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा...

पैदल यात्रियों के हक की आवाज बने है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देश : विपिन शर्मा

0
5
Vipin sharma विपिन शर्मा

पैदल यात्रियों के हक की आवाज बने है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देश : विपिन शर्मा

नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिया है कि देश की हर सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए अतिक्रमण मुक्त और स्पष्ट रूप से चिह्नित जगह सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को बिना किसी वाहन के डर के सुरक्षित चलने का मौलिक अधिकार मिल सके। बेंच ने कहा कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना बड़े निर्माण या भारी निवेश का नहीं बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और बेहतर व्यवस्था का विषय है। रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पैदल चलने वाले यात्रियों के हक की आवाज बने है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देश। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पैदल चलने वाले यात्री अतिक्रमण से बहुत ज्यादा परेशान है, उन्होंने कहा रोहताश नगर विधानसभा के तहत ही क्षेत्र के प्रमुख मार्ग लोनी रोड और मंडोली रोड पर अतिक्रमण ने किस हद तक अपने पैर पसारे हुए है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पैदल चलने वाले यात्रियों को तो सड़क पर चलने तक का रास्ता नहीं मिलता। श्री शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण एक ऐसी समस्या है जिसका समाधान ना सिर्फ वक़्त की मांग है बल्कि यह पैदल चलने वाले यात्रियों के अधिकारों का भी हनन कर रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण पूरी दिल्ली में पसरा हुआ है, दिल्ली की हर सड़क पर, दिल्ली के हर मार्ग पर और सबसे बड़ी समस्या की बात यह है कि ना तो भाजपा सरकार इसे हटाने के लिए कुछ कर रही और ना ही प्रशासन। श्री शर्मा ने कहा कि सड़कों के दोनों तरफ खड़े रेहड़ी पटरी वालों ने, रिक्शा वालों ने, दुकानवालों ने पैदल चलने वाले यात्रियों का चलना भी दुश्वार कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और प्रशासन भी अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई सख्त कदम नहीं लेता जिस कारण रेहड़ी पटरी वालों का, रिक्शा वालों का, दुकान वालों का हौसला बढ़ा रहता है और लोगों के कहने पर भी यह रास्ते से नहीं हटते, ना ही दुकानवाले अपना सामान हटाते है। श्री शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण को हटाना, पैदल चलने वाले यात्रियों को सुरक्षित रास्ता प्रदान करना, सरकार की और प्रशासन की जिम्मेदारी है जिसे निभाने में दोनों ही पूरी तरह से विफल साबित हुए है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अब सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किए गए निर्देशों से कुछ सुधार आए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here