Delhi Riots 2020: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, 6 आरोपी बरी
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि छह अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। इस फैसले के साथ करीब छह वर्ष पुराने इस चर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव सामने आया है।
अदालत ने ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं, के तहत दोषी ठहराया है। दोषियों की सजा पर अदालत अलग से सुनवाई करेगी।
यह मामला 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। उस समय नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी को लेकर विरोध और समर्थन के बीच कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। चांद बाग, खजूरी खास और मुस्तफाबाद सहित कई क्षेत्रों में आगजनी, पथराव और हिंसा की घटनाएं हुई थीं।
अभियोजन के अनुसार, 26 वर्षीय अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को अपने कार्यालय से घर लौटे थे। बाद में वह किसी काम से घर से बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की और अगले दिन उनका शव चांद बाग पुलिया के पास स्थित खजूरी खास नाले से बरामद किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित शर्मा के शरीर पर बड़ी संख्या में धारदार हथियारों से किए गए गंभीर घावों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मृत्यु हुई थी। इस मामले ने उस समय पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच करते हुए विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का आरोप था कि पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल थे। पुलिस ने दावा किया था कि जांच के दौरान उनके घर से दंगों में इस्तेमाल की गईं कई वस्तुएं बरामद हुई थीं। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों का लगातार विरोध किया।
मार्च 2023 में अदालत ने ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। इसके बाद मामले में गवाहों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर सुनवाई जारी रही।
अब अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए छह आरोपियों को बरी कर दिया है। दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला सजा निर्धारण पर होने वाली अगली सुनवाई में किया जाएगा।
इस फैसले के बाद अंकित शर्मा के परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया है। वहीं, दोषी पक्ष के पास उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने का कानूनी अधिकार उपलब्ध रहेगा।



