Mahendra Bhaskar: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष की जीत टूटा सरकार का अहंकार : महेंद्र भास्कर
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, इस देश के छात्रों के संघर्ष की जीत है और नरेंद्र मोदी के अहंकार की हार है, जी हां ऐसा कहना है करोल बाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भास्कर का। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि इस देश की जनता की एकता के आगे नरेंद्र मोदी को अपना अहंकार छोड़ना पड़ा और छात्रों की बात को मानते हुए धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा दिलवाना पड़ा। श्री भास्कर ने कहा कि यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं है बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि इस देश की जनता के सामने भाजपा और नरेंद्र मोदी का असली चेहरा आ गया है, इस देश की जनता को यह पता लग गया है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी देशहित में काम करने वाले नहीं बल्कि कुछ पूंजीपतियों के हित में काम करने वाले है। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा भाजपा और नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ी चेतावनी है कि अगर उन्होंने भविष्य में इस देश की जनता के ऊपर अन्याय करने की कोशिश की तो इस देश की जनता उसको बर्दाश्त नहीं करेगी बल्कि उस अन्याय का भाजपा और नरेंद्र मोदी को करारा जवाब देगी। श्री भास्कर ने कहा कि यह इस्तीफा इस देश के युवा की जीत है, यह उन छात्रों की जीत है जिन्होंने जंतर मंतर पर कई दिनों तक प्रदर्शन किया और अपने हक की लड़ाई लड़ी और इतनी जबरदस्त तरीके से लड़ी की इस तानाशाही सरकार को छात्रों के आगे झुकना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा और नरेंद्र मोदी ने बहुत कोशिश की कि इन युवाओं के ऊपर, इन छात्रों के ऊपर लाठी चार्ज करके, इनके ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़कर इन्हें कमजोर किया जाए लेकिन इस देश का युवा, इस देश का छात्र कमजोर नहीं हुआ, उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार सरकार को छात्रों की बात माननी ही पड़ी और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा करवाया गया।



