NEET controversy: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार की विफलता का प्रमाण शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी: हाजी जरीफ
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): नीट परीक्षा विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कबीर नगर वार्ड के निगम पार्षद हाजी जरीफ ने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं, बल्कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कबीर नगर वार्ड के निगम पार्षद हाजी जरीफ ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था की विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और इससे लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है।
हाजी जरीफ ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को समय रहते गंभीरता से लिया जाना चाहिए था, लेकिन केंद्र सरकार प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई करने में असफल रही। उनके अनुसार, केवल मंत्री का इस्तीफा देने से छात्रों के साथ हुई परेशानी और मानसिक तनाव समाप्त नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं स्थायी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ऐसे ठोस सुधार लागू किए जाएं, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को इस प्रकार की स्थिति का सामना न करना पड़े। हाजी जरीफ ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के भविष्य की रक्षा करना और उनके विश्वास को बनाए रखना है। यदि छात्रों का भरोसा कमजोर पड़ता है, तो केवल नेतृत्व परिवर्तन से नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और प्रभावी सुधारों से ही स्थिति में वास्तविक बदलाव आएगा।



