मध्यप्रदेश में दो विमान आसमान में टकरा गए। हालांकि, आपस में ये टकाराए या नहीं इसकी जांच के लिए वायु सेना ने जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। बताते हैं, सुखोई और मिराज 2000 ग्वालियर के एयरबेस से आज सुबह अभ्यास के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के तुंरत बाद दोनों विमान क्रैश होकर जंगल में गिर गए। एक में दो पायलट थे और दूसरे में एक पायलट। दो पायलटों को बचा लिया गया है, हादसा मुरैना के जंगल में हुआ। लोगों का कहना है कि इन विमानों में जब आग लगी तब वे मुरैना जिले के कैलारस कस्बे के ऊपर से गुजर रहे थे। तभी लोगों ने हवा में उन्हें आग से जलते देखा तो हड़कंप मच गया कि अगर इसका मलबा नीचे गिरा तो पूरा कस्बा तबाह हो सकता है। लेकिन मलवा काफी दूर जंगल मे गिरा। माना जा रहा है कि पायलट ने अपनी जान की बाजी लगाकर फादग्रह कस्बे को जलने से बचाया।
जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना के दौरान सुखोई 30 में दो पायलट थे। जबकि मिराज 2000 में एक पायलट था। बता दें कि मिराज 2000 फाइटर जेट्स को उड़ाने के लिए सिर्फ एक पायलट की जरूरत होती है। इस जेट की लंबाई 47.1 फीट होती है। विंगस्पैन 29.11 फीट होती है, ऊंचाई 17.1 फीट होती है। हथियारों और ईधन के साथ इसका वजन 13,800 किलोग्राम हो जाता है। वैसे यह 7500 किलोग्राम वजन का है। 26 फरवरी 2019 को 12 मिराज 2000 फाइटर जेट्स ने ही पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त किया था।
राजस्थान के भरतपुर जिले के उच्चैन क्षेत्र में मिग विमान क्रैश हो गया है। भरतपुर के जिला कलेक्टर आलोक रंजन द्वारा पहले चार्टर जेट की बात कही गई थी, हालांकि, रक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारतीय वायुसेना का जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। डिफेंस पीआरओ अमिताभ शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। वायुसेना के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्र ने कहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भारतीय वायु सेना के विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर वायु सेना प्रमुख द्वारा जानकारी दी गई है। रक्षा मंत्री ने भारतीय वायुसेना के पायलटों के बारे में जानकारी ली है। वह पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।



