Home दिल्ली-एनसीआर महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई : राजीव वर्मा

महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई : राजीव वर्मा

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राजीव वर्मा
महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई : राजीव वर्मा

महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई : राजीव वर्मा

* प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में आयोजित किया कार्यक्रम

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग द्वारा प्रदेश कार्यालय में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मनाई गई जिसमें प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिला चेयरमैन व प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए | कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली प्रदेश ओबीसी विभाग के चेयरमैन राजीव वर्मा ने की।

इस मौके पर राजीव वर्मा नें महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला | श्री वर्मा नें बताया ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन गैर-बराबरी के खिलाफ लड़ाई में गुजार दिया.उन्होंने एक समतामूलक समाज का सपना देखा था.ज्योतिबा फुले का पूरा नाम ज्योतिबा गोविंदराव फुले था | सामाजिक दबाव की वजह से ज्योतिबा फुले अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे. लेकिन वह शिक्षा के महत्व को बखूबी जानते थे. फुले के अनुसार दलितों और महिलाओं के पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह उनमें शिक्षा की कमी थी. वो कहते थे कि शिक्षा स्त्री और पुरुष की प्राथमिक जरूरत है | उन्‍होंने विधवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए बहुत काम किया, इसके साथ ही किसानों की हालत सुधारने और उनके कल्याण के लिए भी काफी प्रयास किये। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए फुले ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। लड़कियों को पढ़ाने के लिए अध्यापिका नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन स्वयं यह काम करके अपनी पत्नी सावित्री फुले को इस योग्य बना दिया। कुछ लोगों ने आरम्भ से ही उनके काम में बाधा डालने की चेष्टा की, किंतु जब फुले आगे बढ़ते ही गए तो उनके पिता पर दबाब डालकर पति-पत्नी को घर से निकलवा दिया इससे कुछ समय के लिए उनका काम रुका अवश्य, पर शीघ्र ही उन्होंने एक के बाद एक बालिकाओं के तीन स्कूल खोल दिए |

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