Home आमने सामने युवा और व्यापारियों को बजट से हुई घोर निराशा : अजय अरोड़ा

युवा और व्यापारियों को बजट से हुई घोर निराशा : अजय अरोड़ा

0
135
अजय अरोड़ा
युवा और व्यापारियों को बजट से हुई घोर निराशा : अजय अरोड़ा

युवा और व्यापारियों को बजट से हुई घोर निराशा : अजय अरोड़ा

इस बजट से कोई नई दिशा नहीं दिखती

– हर्ष भारद्वाज –

नई दिल्ली, केंद्र के बजट से वैसे तो सभी वर्गों को निराशा ही मिली है लेकिन व्यापारियों और युवा वर्ग को इस बजट नें बेहद निराश किया है | यह कहना है दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस के चेयरमेन अजय अरोड़ा का | अजय अरोड़ा कहते हैं पिछले साल वितमंत्री नें जो घोषणाएं की थी उनका क्या हुआ ,उस बारे में तो जिक्र तक नहींकिया गया | बजट से देश के व्यापारियों को कुछ नहीं मिला ,खाली डिब्बा और खली बोतल ही साबित हुआ यह बजट |

अजय अरोड़ा कहते हैं इसी तरह युवाओं के हाथ भी निराशा ही लगी है पिछले बजट में युवाओं को रोजगार देने के सपने दिखाए गए थे उसका क्या हुआ | देश के किसानों के साथ भी धोखा है यह बजट , प्रधानमन्त्री नें कहा था किसानों की आय डबल करते देंगे उसका क्या हुआ | हमारे रूपये की कीमत लगातार घट रही है वहीं डालर की कीमते बढती जा रही हैं आज बेरोजगारी चरम पर है ,पिछले बजट में जो योजनायें बताई गई थी उनका क्या हुआ |

अजय अरोड़ा कहते हैं केंद्रीय बजट में भारत के सामने मौजूद वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई है । ना तो पिछली घोषणाओं पर अमल हुआ और ना ही कोई नई प्रभावशाली घोषणा की गई | ‘युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आने वाले वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया। अजय अरोड़ा कहते हैं भारतीय अर्थव्यवस्था में ढांचागत समस्याएं हैं जिन्हें एक दशक से ठीक नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि प्राइवेट कैपिटल इन्वेस्टमेंट शुरू नहीं हुआ है, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट में गिरावट आई है | अजय अरोड़ा कहते हैं सर्वे दावा करते हैं है कि जीडीपी लगातार बढ़ रही है लेकिन यह प्रति व्यक्ति आय और रोज़गार सृजन से मेल नहीं खाता. वह विकास को कैसे बढ़ावा देंगी ताकि नौकरियां पैदा हो सके | महंगाई लगातार बढ़ रही है है , लोगों की सैलरी नहीं बढ़ रही है, जबकि लोगो का खर्च लगातार बढ़ रहा है. उनके पास पैसा कैसे आएगा और उनकी बचत और निवेश कैसे बढ़ेगा, ताकि वे अपने भविष्य की योजना बना सकें |

अजय अरोड़ा नें कहा यह बजट कोनॉमिक सर्वे कहता है कि GDP लगातार बढ़ रही है लेकिन यह प्रति व्यक्ति आय और रोज़गार सृजन से मेल नहीं खाता. वह विकास को कैसे बढ़ावा देंगी ताकि नौकरियां पैदा हो सकें? महंगाई ज्यादा चुभती है क्योंकि लोगों की सैलरी नहीं बढ़ रही है, लेकिन उनका खर्च बढ़ रहा है. उनके पास पैसा कैसे आएगा और उनकी बचत और निवेश कैसे बढ़ेगा, ताकि वे अपने भविष्य की योजना बना सकें कोनॉमिक सर्वे कहता है कि GDP लगातार बढ़ रही है लेकिन यह प्रति व्यक्ति आय और रोज़गार सृजन से मेल नहीं खाता. वह विकास को कैसे बढ़ावा देंगी ताकि नौकरियां पैदा हो सकें? महंगाई ज्यादा चुभती है क्योंकि लोगों की सैलरी नहीं बढ़ रही है, लेकिन उनका खर्च बढ़ रहा है. उनके पास पैसा कैसे आएगा और उनकी बचत और निवेश कैसे बढ़ेगा, ताकि वे अपने भविष्य की योजना बना सकें |

अजय अरोड़ा नें कहा यह बजट निराशा के अलावा कुछ भी नहीं है और इससे किसी बड़े बदलाव की कोई उम्मीद नहीं हैं | और ना ही इस बजट से कोई नई दिशा दिखती है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here