Women and Child Safety Delhi: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार के सभी दावे हवा-हवाई: मोहिनी जीनवाल
नई दिल्ली (शिवा कौशिक)। दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सुंदर नगरी वार्ड की निगम पार्षद मोहिनी जीनवाल ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे खोखले हैं और योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं।
मोहिनी जीनवाल ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा सहायता तंत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जाने की बात कही गई है, लेकिन उनके अनुसार इन प्रयासों का वास्तविक असर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुरक्षा और सहायता से जुड़ी व्यवस्थाएं जरूरत के समय लोगों के लिए उपलब्ध हों और उनका लाभ संबंधित लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर बार-बार घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों का आकलन भी जरूरी है। मोहिनी जीनवाल ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया था और जनता से इस दिशा में काम करने का भरोसा दिया था। उनके अनुसार, अब सरकार को अपने चुनावी वादों के अनुरूप परिणाम दिखाने चाहिए, ताकि महिलाओं को सुरक्षा और सहायता व्यवस्था पर भरोसा हो सके।
मोहिनी जीनवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से समय-समय पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया जाता है, लेकिन वास्तविक परिस्थितियों में सामने आने वाली समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी महिला या बच्चे को परेशानी का सामना करना पड़ता है, तब सुरक्षा और सहायता से जुड़ी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है। उनके मुताबिक, सरकार को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें शिकायत मिलने पर समय पर सहायता उपलब्ध हो और पीड़ितों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होनी चाहिए। इसके लिए योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा, संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही और शिकायतों के समाधान की प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। मोहिनी जीनवाल ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय सभी वर्गों की सुरक्षा और जरूरतों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
मोहिनी जीनवाल ने अंत में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए गए वादों का मूल्यांकन घोषणाओं से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि सुरक्षा और सहायता से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।



