Uttarakhand Paper Leak: उत्तराखंड पेपर लीक केस में मुख्य आरोपी खालिद की दुकान बुलडोजर से ध्वस्त, SIT जांच शुरू
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी खालिद की दुकान को हरिद्वार के लक्सर स्थित सुल्तानपुर कस्बे में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई राज्य सरकार की सख्ती और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है। एसपी देहात शेखर सुयाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। जैसे ही बुलडोजर ने दुकान तोड़ना शुरू किया, आसपास के लोग घटनास्थल पर खड़े होकर पूरी कार्रवाई को देख रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया था कि पेपर लीक मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना था कि “भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी।”
इस कार्रवाई से राज्यभर में छात्र और युवाओं में गुस्सा और आक्रोश बढ़ गया है। बेरोजगार संघ के नेतृत्व में छात्र देहरादून के परेड ग्राउंड में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए, आयोग के अध्यक्ष को बर्खास्त किया जाए और भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएँ। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का षड्यंत्र है, क्योंकि इसमें वर्षों लग सकते हैं और परीक्षाएं ठप हो सकती हैं।
राज्य सरकार ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम की निगरानी एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज कर रहे हैं और SIT को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, इस मामले में सरकार पर लगातार हमला कर रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार युवाओं को न्याय नहीं दे पा रही और SIT गठन के माध्यम से वास्तविकता को छिपाने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को कांग्रेस ने पूरे राज्य के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की।



