US Iran peace plan: बढ़ते तनाव के बीच US ने ईरान को 15-सूत्री शांति प्रस्ताव भेजा
नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध को रोकने और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए एक व्यापक 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है। योजना का उद्देश्य युद्ध को तत्काल रोकना, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर रोक लगाना और क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करना है।
इस 15-बिंदु योजना के अनुसार, ईरान को अपने तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – नतान्ज, इस्फहान और फ़ोर्डो – को बंद करना होगा और यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोकना होगा। इसके अलावा, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम निलंबित करने और प्रॉक्सी समूहों को सहायता देना बंद करने का आदेश भी इसमें शामिल है। योजना में होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के रूप में खुला रखने और ईरान को यह वचन देने के लिए कहा गया है कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
प्रस्ताव में ईरान से अपने पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपने की बात कही गई है। इसके अलावा, ईरान को अपने सहयोगी समूहों को हथियार या धन उपलब्ध कराना बंद करना होगा। मिसाइलों की संख्या और मारक क्षमता पर बाद में चर्चा के लिए विकल्प रखा गया है, जबकि ईरान की सैन्य शक्ति को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करने का सुझाव दिया गया है।
इस शांति योजना के बदले में अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी परमाणु प्रतिबंध हटाने और बुशहर में नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को विकसित करने में मदद करने का आश्वासन दिया है। साथ ही, प्रस्ताव में “स्नैपबैक” सिस्टम को समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है, जो प्रतिबंधों को स्वचालित रूप से फिर से लागू करने की अनुमति देता था।
कूटनीतिक प्रयास में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ के रूप में शामिल है, जबकि तुर्की और मिस्र भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण मतभेद हैं। ईरान ने इजरायल, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब सहित कई जगहों पर हमले जारी रखे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और बातचीत जारी है।
यह शांति प्रयास ऐसे समय में किया गया है जब युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और सैन्य कार्रवाई तथा आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहे हैं। इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।



