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UP STF: अंबेडकरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी बदमाश आसिफ ढेर, कई जघन्य वारदातों का था मास्टरमाइंड

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UP STF: अंबेडकरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी बदमाश आसिफ ढेर, कई जघन्य वारदातों का था मास्टरमाइंड

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार सुबह पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश आसिफ अली उर्फ विकी मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार आसिफ लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, डकैती तथा संगठित अपराध के कई गंभीर मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है।

यूपी एसटीएफ के अनुसार मुठभेड़ अंबेडकरनगर के जगदीशपुर गांव के पास हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी आसिफ इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी की। खुद को चारों ओर से घिरा देख आसिफ ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक मारा गया आसिफ कानपुर के बिलौर थाना क्षेत्र के धुरैया गांव का रहने वाला था। वह कुख्यात छयमार गैंग का सरगना बताया जा रहा है और पिछले कई वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके खिलाफ जौनपुर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उत्तर प्रदेश के कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था।

यूपी एसटीएफ ने बताया कि आसिफ का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। वर्ष 2014 में उसने जौनपुर में अपने साथियों के साथ एक घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान विरोध करने पर दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से वह पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हो गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार आसिफ केवल जौनपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संगठित अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया था। वर्ष 2013 में उसने अपने करीब दस साथियों के साथ सुल्तानपुर में एक घर में डकैती डाली थी। आरोप है कि पूरे परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की गई और विरोध करने पर परिवार के एक सदस्य की हत्या कर दी गई थी।

इसके बाद वर्ष 2015 में कौशांबी जिले में भी उसने अपने गिरोह के साथ एक घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार उस घटना में पूरे परिवार को बंधक बनाया गया था और पति-पत्नी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इन जघन्य वारदातों के बाद उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए और वह लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2021 में भी आसिफ ने अपने गिरोह के साथ कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में एक घर में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इसी वजह से वह उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसिफ के कब्जे से 32 बोर की एक पिस्टल, 13 बोर का एक देसी पिस्टल तथा बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को जांच के लिए भेज दिया गया है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया था।

यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अब आसिफ के आपराधिक नेटवर्क, उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े मामलों की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार सहयोगियों की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से प्रदेश में सक्रिय एक बड़े आपराधिक गिरोह को बड़ा झटका लगा है और कई लंबित मामलों की जांच में भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

 

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