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Russia Ukraine War: मॉस्को पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, तेल रिफाइनरी में लगी आग, चार एयरपोर्ट बंद

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Russia Ukraine War: मॉस्को पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, तेल रिफाइनरी में लगी आग, चार एयरपोर्ट बंद

रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन ने एक बड़ा ड्रोन हमला किया है, जिसके बाद शहर के कई इलाकों में आग और धुएं का गुबार दिखाई दिया। हमले में मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा है, जबकि सुरक्षा कारणों से राजधानी के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इस हमले को रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया जा रहा है।

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन ने एक हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। कई स्थानीय इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रातभर में अलग-अलग क्षेत्रों में 555 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया। इनमें से करीब 200 ड्रोन मॉस्को के आसपास के इलाके में पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिए गए। हालांकि रूसी अधिकारियों के अनुसार, कुछ ड्रोन राजधानी क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने कई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि कई ड्रोन शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को ऑयल रिफाइनरी से टकराए। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग की तेज लपटें उठने लगीं। यह रिफाइनरी मॉस्को क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े संयंत्रों में से एक है।

जानकारी के मुताबिक, गजप्रोम नेफ्त की इस रिफाइनरी को 16 जून को भी निशाना बनाया गया था और अब 18 जून को दोबारा हमला हुआ है। हमले में स्टोरेज टैंकों, क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट और डीजल हाइड्रोट्रीटिंग यूनिट को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि नुकसान का अंतिम आकलन अभी जारी है।

ड्रोन हमले के बाद रूस के परिवहन मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से मॉस्को के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स शेरेमेतयेवो, डोमोदेदोवो, व्नुकोवो और अन्य हवाई अड्डों से उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी। इससे बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हमले से प्रभावित इलाकों में टेरिटरी ऑफ सैडोवोड, बेलाया दाचा जैसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कुछ रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर मलबा गिरने की घटनाएं भी हुईं। हालांकि अभी तक किसी बड़े नागरिक नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले से जुड़े वीडियो साझा करते हुए इसे रूस के हमलों का जवाब बताया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लॉन्ग रेंज ड्रोन हमले अब मॉस्को क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं और इन्हें रूसी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

रूस ने इस हमले को आतंकवादी कार्रवाई करार दिया है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन जानबूझकर राजधानी क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। वहीं यूक्रेन का कहना है कि उसके हमले रूस की सैन्य और ऊर्जा क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ अहम बातचीत की थी। जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ रहा है और रूस के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भी कहा है कि यूक्रेन को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की मदद के लिए सहयोगी देशों के बीच समन्वय जरूरी है।

वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस दौरान मॉस्को से करीब 700 किलोमीटर दूर कजान में थे, जहां वह दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। रूस इस बैठक के जरिए ASEAN देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

मॉस्को पर हुए इस बड़े ड्रोन हमले ने एक बार फिर दिखाया है कि यूक्रेन ने लंबी दूरी तक हमला करने वाली ड्रोन तकनीक में अपनी क्षमता बढ़ाई है। वहीं, रूस की एयर डिफेंस प्रणाली की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में यह हमला आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।

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