पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले में तृणमूल कांग्रेस विधायक माणिक भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार विधायक बंगाल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। ईडी ने यह कार्रवाई माणिक से लंबी पूछताछ के बाद की है। पूरा मामला प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितताओं से संबंधित है। ईडी की टीम ने माणिक भट्टाचार्य से सोमवार दोपहर पूछताछ शुरू की थी। लंबी पूछताछ के दौरान जांच में सहयोग न करने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हुई है। बता दें, सीबीआई ने भी इस मामले में 27 सितंबर को टीएमसी विधायक को पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने हाजिर नहीं हुए थे। सीबीआई के समन के बाद विधायक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने अगले आदेश तक सीबीआई की गिरफ्तारी से उन्हें छूट प्रदान की थी।
कब हुआ था घोटाला?
बात है साल 2016 की। पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल सेवा आयोग SSC को सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए 13,000 ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। 2019 में इन नियुक्तियों को करने वाले पैनल की समय सीमा समाप्त हो गई। लेकिन इसके बावजूद, पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) द्वारा कथित तौर पर कम से कम 25 व्यक्तियों को नियुक्त कर दिया गया था। नवंबर 2021 में अदालत के सामने दायर एक याचिका में इन ‘अवैध’ नियुक्तियों को व्यवस्था में भ्रष्टाचार बताया गया था। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने SSC और पश्चिम बंगाल बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) से हलफनामे मांगे थे और मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई थी।



