काम करने वालों को प्रचार की जरूरत नहीं पड़ती : परमानंद शर्मा
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं की जानकारी मेट्रो के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शुरू किए गए अभियान को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 23 सितंबर को आईटीओ मेट्रो स्टेशन से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत योजनाओं की जानकारी से सुसज्जित विशेष मेट्रो ट्रेन को रवाना किया। सरकार के अनुसार पांच मेट्रो लाइनों पर कुल 36 कोचों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही मेट्रो स्टेशनों पर डिजिटल स्क्रीन, वीडियो वॉल और प्रचार पैनलों के माध्यम से भी योजनाओं की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। अभियान के तहत आयुष्मान वय वंदना योजना, लास्ट माइल कनेक्टिविटी, एमएसएमई के लिए कारोबार सुगमता, बिना गारंटी ऋण, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, अटल कैंटीन, दिल्ली लक्ष्मी योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और स्वच्छ यमुना मिशन जैसी योजनाओं की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने की बात कही गई है। कांग्रेस नेता एवं राम नगर वार्ड से पूर्व निगम प्रत्याशी परमानंद शर्मा ने सरकार की इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शीला दीक्षित के कार्यकाल में विकास जमीन पर दिखा, भाजपा प्रचार के सहारे विकास का ढोल पीट रही हैजो सरकार और जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के लिए काम करते हैं, उन्हें अपने काम का बार-बार प्रचार करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि विकास कार्य यदि जमीन पर दिखाई देते हैं तो जनता स्वयं उनके बारे में चर्चा करती है और काम ही सरकार की पहचान बन जाता है। परमानंद शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय दिल्ली में हुए विकास कार्यों को आज भी लोग अपने आसपास महसूस करते हैं। उनके अनुसार, उस दौर में सड़कों, फ्लाईओवर, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के कारण दिल्ली के विकास की अलग पहचान बनी थी। उन्होंने कहा कि “काम करने वालों को प्रचार की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि किया गया काम खुद दिखाई देता है। शीला दीक्षित ने दिल्ली के लिए जो काम किए, उनकी चर्चा आज भी जनता के बीच होती है। उन्होंने अपने काम का इस तरह प्रचार नहीं किया, क्योंकि जनता को जमीन पर बदलाव दिखाई देता था।” परमानंद शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास कार्यों की तुलना में प्रचार को अधिक महत्व दे रही है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के कोचों और स्टेशनों पर योजनाओं के प्रचार से ज्यादा जरूरी यह है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि जिन योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जा रही है, उनका लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक भी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि “भाजपा काम कुछ करती नहीं और केवल प्रचार के माध्यम से विकास का ढोंग पीटती है। जनता को विज्ञापन नहीं, अपने घर, मोहल्ले और क्षेत्र में वास्तविक बदलाव चाहिए। सरकार को प्रचार पर जोर देने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, रोजगार और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में ऐसा काम करना चाहिए जिसे जनता अपनी आंखों से देख सके।” उन्होंने कहा कि सरकार यदि अपनी योजनाओं को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना चाहती है तो यह स्वागतयोग्य है, लेकिन प्रचार के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन और आम नागरिक तक उनके वास्तविक लाभ पहुंचने की भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी सरकार का वास्तविक मूल्यांकन उसके विज्ञापनों से नहीं बल्कि उसके काम और जनता के अनुभव से होता है



