Ajay Arora Statement: घरेलू बजट पर पड़ते दबाव को लेकर लोगों में चिंता का माहौल : अजय अरोड़ा
सामाजिक संकट का रूप लेती जा रही है महंगाई
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के साथ-साथ दूध जैसी जरूरी वस्तुओं के दामों में आई वृद्धि ने जनता की जेब पर सीधा असर डाला है। इसके चलते बाजारों से लेकर आम घरों तक महंगाई को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। दिल्ली ट्रेडर्स कांग्रेस के चेयरमेन अजय अरोड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी वादों और वास्तविक नीतियों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव समाप्त होते ही महंगाई का बोझ जनता पर डाल दिया गया है। अजय अरोड़ा ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका सीधा असर सब्जी, फल और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि दूध जैसे आवश्यक उत्पादों के दाम बढ़ने से हर वर्ग का बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होने के बावजूद घरेलू बाजार में दाम बढ़ना सवाल खड़े करता है। अजय अरोड़ा कहते हैं बेलगाम महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस, दूध और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। हर घर का बजट बिगड़ चुका है, गरीब और मध्यम वर्ग दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहा है, लेकिन सरकार पूरी तरह मौन बनी हुई है। उनका आरोप है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, जबकि राहत के कोई ठोस कदम नहीं दिख रहे हैं।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो आने वाले समय में आर्थिक दबाव और अधिक गंभीर हो सकता है और आम जनता की मुश्किलें बढ़ेंगी। अजय अरोड़ा कहते हैं महंगाई केवल आर्थिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह अब सामाजिक संकट का रूप ले चुकी है,”उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के बावजूद देश में ईंधन के दाम बढ़ाना सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करता है।



