Target Killing: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने 2 मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत; 10 दिन में दूसरी टारगेट किलिंग
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाते हुए टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम दिया है। कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में आतंकवादियों ने दो मजदूरों पर गोलीबारी कर दी। हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद अनंतनाग मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में दो मजदूरों को निशाना बनाया और उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आतंकियों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। सुरक्षाबल इलाके में आने-जाने वाले रास्तों की निगरानी कर रहे हैं और संदिग्ध ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले करीब 10 दिनों में जम्मू-कश्मीर में यह टारगेट अटैक की दूसरी घटना है। इससे पहले अनंतनाग में आतंकवादियों ने एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया था। उस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए 300 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया था।
बड़े पैमाने पर संदिग्धों की हिरासत को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी चिंता जताई थी। उनका कहना था कि इतने बड़े स्तर पर लोगों को हिरासत में लेने से हालात और खराब हो सकते हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक ओर आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की जिम्मेदारी भी है।
कुलगाम में यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहलगाम तथा आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रहे हैं। यात्रा को देखते हुए पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से काफी मजबूत किया गया है। इसके बावजूद आतंकियों द्वारा मजदूरों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की 670 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं और यात्रा मार्गों के अलावा उन क्षेत्रों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, जहां आतंकियों द्वारा पहले हमले किए जाते रहे हैं।
कुलगाम में हुए इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है। फिलहाल प्राथमिकता हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ना है। सुरक्षा बलों की टीमें संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों और विशेष रूप से बाहर से काम करने पहुंचे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने और हमले के पीछे शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ हमले से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।



