Singheshwar Temple Stampede: मधेपुरा के सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति, 5 श्रद्धालु घायल; एक की हालत गंभीर
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले स्थित प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अचानक मची अफरातफरी में पांच श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि कई अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं।
घटना सोमवार तड़के की बताई जा रही है। सावन की सोमवारी होने के कारण रात से ही बाबा सिंहेश्वरनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे। सुबह होते-होते मंदिर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे मंदिर में सरकारी पूजा शुरू हुई थी। पूजा संपन्न होने के बाद रात करीब एक बजे बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था।
मंदिर के बाहरी परिसर में मुख्य द्वार के पास से श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। जैसे-जैसे सुबह का समय नजदीक आया, श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ती गई। भीड़ के दबाव के कारण मंदिर के प्रवेश द्वार के आसपास स्थिति चुनौतीपूर्ण होने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अलसुबह करीब चार बजे मुख्य द्वार खोले जाने के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान धक्का-मुक्की बढ़ गई और कुछ लोग अपना संतुलन खोकर गिर पड़े। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा। पुलिसकर्मियों और मंदिर की व्यवस्था में लगे लोगों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान घायल श्रद्धालुओं को भीड़ से निकालकर तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
घायलों को जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मधेपुरा में भर्ती कराया गया है। एक श्रद्धालु के ग्रिल से टकराकर गिरने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
घायलों में सुपौल निवासी सिंटू कुमार, सहरसा के जलसीमा की रहने वाली रूना देवी और मधेपुरा के ग्वालपाड़ा निवासी सुलेना देवी शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा एक महिला श्रद्धालु की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी।
शुरुआती जानकारी में पांच श्रद्धालुओं के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धक्का-मुक्की और अफरातफरी के दौरान एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को मामूली चोटें भी आई हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थिति संभालने के दौरान पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने और जमीन पर गिरे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के दौरान कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए।
घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को और सख्त किया गया। श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में आगे बढ़ाने और कतारों को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
सावन के सोमवार को बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शिव भक्त जलाभिषेक और दर्शन के लिए देर रात से ही कतारों में लगना शुरू कर देते हैं। ऐसे में सुबह के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का दबाव काफी बढ़ जाता है।
इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर बड़ी भीड़ के दौरान सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था के साथ भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में नियंत्रित करना ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल सिंहेश्वरनाथ मंदिर में पैदा हुई भगदड़ जैसी स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। घायल श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।



