Shastri Park Metro issue: शास्त्री पार्क मेट्रो का बंद एग्जिट, विधानसभा में गूंजा मुद्दा,विधायक अजय महावर ने उठाई खुलवाने की मांग
नई दिल्ली(रविंद्र कुमार ):राजधानी दिल्ली में जहां मेट्रो को आधुनिक और सुगम परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, वहीं कई स्थानों पर अधूरी सुविधाएं आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ऐसी ही एक अहम समस्या को दिल्ली विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया, जब घोंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक अजय महवर ने दिल्ली विधानसभा सत्र नियम 280 के तहत शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन के बंद पड़े एग्जिट का मुद्दा सदन में रखा। उन्होंने इस समस्या को हजारों दैनिक यात्रियों की कठिनाइयों से जोड़ते हुए इसे तुरंत समाधान योग्य जनहित का विषय बताया। विधायक ने कहा कि देश दिल्ली की पहली मेट्रो लाइन—कश्मीरी गेट से दिलशाद गार्डन—आज भी लाखों यात्रियों की जीवनरेखा है। इसी लाइन पर स्थित शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, लेकिन यहां अधूरी सुविधाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्टेशन का केवल दाहिनी ओर का एग्जिट ही चालू है, जिससे गांधी नगर, गीता कॉलोनी और लक्ष्मी नगर की ओर जाने वाले यात्रियों को ही सुविधा मिल पाती है। वहीं, जीटी रोड की तरफ से आने वाले उस्मानपुर, पुस्ते,शास्त्री पार्क क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए यह स्टेशन बेकार साबित हो रहा है, क्योंकि उनके लिए कोई सीधा एंट्री व निकास मार्ग उपलब्ध नहीं है।
अजय महावर ने कहा कि इस असुविधा के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को मजबूरन सीलमपुर या वेलकम मेट्रो स्टेशन तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनका समय, पैसा और ऊर्जा की बर्बादी होती है। उन्होंने इसे “सुविधा के अभाव में बेअसर होती मेट्रो व्यवस्था” करार दिया। विधायक ने विशेष रूप से जीटी रोड स्थित बाबा श्याम गिरी मंदिर की ओर वाले बंद पड़े एग्जिट गेट को खोलने की मांग करते हुए कहा कि यदि इसे शुरू कर दिया जाए, तो प्रतिदिन हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनका आवागमन कहीं अधिक सरल, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा। उन्होंने शहरी विकास मंत्री से इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की। महावर ने यह भी कहा कि सरकार यदि छोटी-छोटी लेकिन जरूरी सुविधाओं पर ध्यान दे, तो जनता का भरोसा और भी मजबूत होगा। जनता की उम्मीदें सरकार पर टिकीं इस मुद्दे के उठने के बाद अब स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। यदि यह एग्जिट गेट खोला जाता है, तो यह न केवल हजारों लोगों की रोजमर्रा की समस्या का समाधान होगा, बल्कि दिल्ली मेट्रो की सुविधा को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



