Shastri Park Firing: शास्त्री पार्क में दो युवकों पर फायरिंग, एक की मौत, एक गंभीर घायल
नई दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में बीती रात एक सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें दो युवकों पर अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग की। घटना में 25 वर्षीय उमाम उर्फ उभम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका मौसी का बेटा नादिम (27) गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक और घायल आपस में मौसेरे भाई हैं।
मामला शास्त्री पार्क चौक के पास ABCD ब्लॉक सर्विस रोड का है। देर रात लगभग बारह बजे इलाके में लोग उमाम को अचेत अवस्था में पड़े हुए देखकर दहशत में आ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी बीच फल मंडी के पास नादिम को घायल अवस्था में पाया गया। उसे पहले जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों युवक किसी काम से घर से निकले थे तभी बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोलियां चला दीं। पुलिस को आशंका है कि यह वारदात किसी पुराने रंजिश या आपसी विवाद से जुड़ी हो सकती है।
डीसीपी नॉर्थ ईस्ट आशीष मिश्रा ने बताया कि शास्त्री पार्क थाना पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्राइम और फॉरेंसिक टीम मौके पर मौजूद हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को तैनात किया गया है।
मृतक के पिता मोहम्मद मियां ने बताया कि उनका बेटा अपने मौसी के लड़के के साथ शास्त्री पार्क में रिश्तेदार से मिलने और मां को लाने गया था, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन पर गोली चलाई।
स्थानीय लोगों में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर भय का माहौल है। निवासी बताते हैं कि पुलिस गश्त बढ़ा रही है, लेकिन बदमाशों का हौसला बढ़ता जा रहा है। लोगों ने पुलिस से इलाके में कड़ी निगरानी और रात के समय सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
यह वारदात ऐसे समय हुई है जब नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली पहले से ही अपराध की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। गुरूवार को करावल नगर में एक वकील के दोस्त पर फायरिंग हुई थी, वहीं बुधवार को करावल नगर के ही एक नाले में अज्ञात शव बरामद हुआ। इसी हफ्ते सोमवार को थाना नंद नगरी क्षेत्र में एक महिला की चाकू मारकर हत्या की गई थी। लगातार हो रही ये घटनाएं इलाके में डर और असुरक्षा की भावना को बढ़ा रही हैं और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।


