Sharda University Suicide Case: शारदा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रा ने की आत्महत्या, मौत से पहले दो प्रोफेसरों पर लगाए आरोप

0
32

Sharda University Suicide Case: शारदा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रा ने की आत्महत्या, मौत से पहले दो प्रोफेसरों पर लगाए आरोप

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी से एक दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे शैक्षणिक जगत और समाज को झकझोर दिया है। बीडीएस सेकंड ईयर की छात्रा ज्योति, जो हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली थी, ने शुक्रवार देर शाम विश्वविद्यालय के मंडेला गर्ल्स हॉस्टल की 12वीं मंजिल पर स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

ज्योति की आत्महत्या के बाद से विश्वविद्यालय में आक्रोश का माहौल है। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और मृतका की मां सुनिता भी वहीं बैठकर न्याय की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि वह तब तक नहीं जाएंगी जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “चाहे मुझे जिंदा जला दो, लेकिन मैं नहीं हटूंगी। यहां की पुलिस ने मुझ पर, मेरे पति और बेटे पर लाठियां बरसाईं, क्या यही न्याय है?”

मृतका के भाई अक्षय ने बताया कि आत्महत्या से एक सप्ताह पहले एक प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि ज्योति ने अपने असाइनमेंट और किताबों पर जाली हस्ताक्षर किए हैं। इसी वजह से उनके पिता सोमवार को यूनिवर्सिटी आए और संबंधित प्रोफेसर और एचओडी से बात की। हालांकि, बात यहीं नहीं रुकी। बैचमेट्स से मिली जानकारी के अनुसार, प्रोफेसरों ने ज्योति को बार-बार ताने दिए कि वह “फर्जी हस्ताक्षर की एक्सपर्ट” है। इतना ही नहीं, उसे फेल करने और प्रैक्टिकल व परीक्षा से रोकने की भी धमकी दी गई थी।

इन मानसिक दबावों और अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर ज्योति ने आत्मघाती कदम उठाया। ज्योति की मौत के बाद न केवल उसके परिवार में, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर में शोक और आक्रोश फैल गया है। ज्योति की मां का दावा है कि बीडीएस के सभी छात्र डर के माहौल में हैं और घर जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पूरी यूनिवर्सिटी को सील कर दो। यहां कोई सुरक्षित नहीं है। सीएम योगी और पीएम मोदी को बुलाओ। जब कोई कार्यक्रम होता है, तो ये लोग आते हैं, तो अब क्यों नहीं?”

पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर पर कार्यवाही करते हुए शारदा यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों को नामजद कर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। दोनों को हिरासत में भी ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

हालांकि इस घटना ने सिर्फ एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे शैक्षिक माहौल को हिला कर रख दिया है। छात्रों के बीच भय और असुरक्षा की भावना स्पष्ट है। यह मामला शिक्षा संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, उचित मार्गदर्शन और शोषण रहित वातावरण की आवश्यकता को उजागर करता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here