रूस और यूक्रेन के बीच पिछले सात महीने से अधिक समय से युद्ध जारी है। क्रीमिया को जोड़ने वाले पुल पर हुए अटैक के बाद रूस ने रणनीति में बदलाव किया है और यूक्रेन पर जबरदस्त बमबारी की है। उधर, यूक्रेन भी रूस पर कई पलटवार कर चुका है। इस बीच, रशियन सिक्योरिटी काउंसिल के एक अधिकारी ने एक बयान देकर चौंका दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर यूक्रेन अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो मिलिट्री अलायंस का हिस्सा बनता है तो फिर यह घटनाक्रम निश्चित तौर पर थर्ड वर्ल्ड वॉर की ओर ले जाएगा। रूस की खुली चेतावनी के बाद दुनियाभर में दहशत बढ़ना लाज़मी है।रूस की न्यूक्लियर वार की धमकी पर अमेरिका ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इसे बर्दाश्त नहीं जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेड तारर ने कहा कि रूस की धमकी बिल्कुल गलत है। दुनिया की राजनीति के लिए ऐसी धमकी गलत है। हम समझते हैं कि परमाणु हथियार का इस्तेमाल कभी नहीं होना चाहिए और धमकियों का कोई फायदा नहीं है। पुतिन की परमाणु हमले की धमकी 21 सिंतबर को पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह मजाक नहीं कर रहे हैं, रूस अपनी रक्षा करने के लिए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के परमाणु हमलों की धमकी से अमेरिका समेत पश्चिम देश चिंतित हैं। अब यूक्रेन के नाटो की सदस्यता दिलाने के बाद क्या स्थिति होगी इसको लेकर भी चिंता की नई लकीरें खिंच गई हैं। अब अगर तीसरा विश्वयुद्ध होता है तो रूस परमाणु हमला करने से भी पीछे नहीं हटेगा। फिर दुनिया की स्थिति एकाएक बदल सकती है। एक तो पहले से ही विश्व घोर ऊर्जा और आर्थिक संकट का समाना करना पड़ रहा है। दुनिया के कई देश यूक्रेन यु्द्ध के कारण भुखमरी और बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं । ऐसे में अगर हम रूस की अगर नई चेतावनी को ध्यान से समझे तो आने वाला संकट काफी दुनिया के लिए काफी खतरनाक साबित होने वाला है।
बाइडेन बोले- दुनिया कर रही बड़े जोखिम का सामना
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो के पूर्व की ओर विस्तार को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका के खिलाफ बार-बार बोला है, विशेष रूप से यूक्रेन और जॉर्जिया जैसे पूर्व सोवियत गणराज्यों के लिए, जिसे रूस अपने प्रभाव क्षेत्र के हिस्से के रूप में मानता है। 21 सितंबर को पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी दी थी कि वह झांसा नहीं दे रहा है, जब उसने कहा कि वह रूस की रक्षा के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार होगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट के बाद से दुनिया परमाणु हमले को लेकर सबसे बड़े जोखिम का सामना कर रही है। नाटो अगले सप्ताह ‘स्टीडफास्ट नून’ नामक वार्षिक परमाणु तैयारी अभ्यास आयोजित करने वाला है। रूस और अमेरिका अब तक की सबसे बड़ी परमाणु शक्तियां हैं। दोनों दुनिया के लगभग 90% परमाणु हथियारों को नियंत्रित करते हैं।



