पंजाब के तरनतारन सरहाली पुलिस स्टेशन पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड हमले को आंतकी खतरे के रूप में देखा जा रहा है। इस कड़ी में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम सरहाली पुलिस स्टेशन का दौरा कर सकती है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, जब रॉकेट लॉन्चर हमला हुआ, तब थाने में थानाध्यक्ष समेत आठ लोग मौजूद थे। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस हमले में थाने की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं दरवाजें-खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। सरहाली पुलिस स्टेशन अमृतसर-बठिंडा राजमार्ग पर स्थित है। फिलहाल, पुलिस हमलावरों की पहचान नहीं कर पाई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम के अलावा, डीजीपी पंजाब गौरव यादव खुद मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की। टीम ने थाने से रॉकेट लॉन्चर का एक हिस्सा बरामद कर लिया है। माना जा रहा है कि हमला करने के बाद हमलावर एक कार में बैठ मौके से तुरंत भाग गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक प्रेस कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “हम गैंगस्टर्स पर नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपने पुलिस सिस्टम को अपग्रेड कर रहे हैं।” गौरतलब है कि राज्य में रॉकेट लॉन्चर से यह दूसरा हमला है। 8 मई को पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस के मुख्यालय पर भी इसी तरह हमला किया गया था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस साल करीब 200 ड्रोन क्रासिंग हुई हैं। पिछले एक महीने में कई ड्रोन को रोका गया, हेरोइन और हथियार जब्त किए गए। मेरा मानना है कि दुश्मन देश डरा हुआ है और ध्यान भटकाने के लिए रात में कायरतापूर्ण हमला कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि बीती रात करीब 11 बजकर 22 मिनट पर आरपीजी का इस्तेमाल कर हाईवे से ग्रेनेड दागा गया। यह सरहाली थाने के सुविधा केंद्र से टकराया। यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सेना के दस्ते में शामिल फॉरेंसिक टीम भी जांच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम तकनीकी और फॉरेंसिक रूप से इसकी जांच करेंगे, अपराध के दृश्य से सभी सुराग एकत्र किए जा रहे हैं ताकि हम जो हुआ उसका पुनर्निर्माण कर सकें। हम लॉन्चर को रिकवर कर रहे हैं।



