Hit And Run Case: जयपुर में बेकाबू कार ने मचाया कहर, हिट एंड रन में 3 की मौत, 8 घायल
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। नाहरगढ़ रोड पर एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने पैदल चल रहे लोगों को रौंद दिया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हिट एंड रन घटना ने ना सिर्फ पीड़ित परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है, बल्कि शहर में यातायात सुरक्षा और सख्त कानूनों को लेकर बहस भी छेड़ दी है।
पुलिस के अनुसार, यह भयावह घटना बालाजी मोड़ के पास हुई, जहां कार चालक ने अचानक वाहन से नियंत्रण खो दिया और फुटपाथ पर चल रहे राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग संभल भी नहीं पाए। घायलों में से कई को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें तुरंत सवाई मान सिंह अस्पताल (SMS अस्पताल) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
एसएमएस थाना क्षेत्र के उपनिरीक्षक कन्हैयालाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “नाहरगढ़ क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना में कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है।” उन्होंने आगे कहा कि हादसे के बाद कार चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और घटना में प्रयुक्त वाहन को सीज कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिला है कि हादसा अत्यधिक गति के कारण हुआ। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है—जैसे कि चालक नशे की हालत में तो नहीं था, या फिर गाड़ी में तकनीकी खराबी थी। मामले में फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की भी अपील की है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के खिलाफ भी नाराजगी देखी गई, क्योंकि लोगों का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा के उपाय नाकाफी हैं और फुटपाथ तक सुरक्षित नहीं बचे हैं।
जयपुर में यह कोई पहला मामला नहीं है जब तेज रफ्तार और लापरवाही ने मासूम जिंदगियों को निगल लिया हो। बीते कुछ महीनों में शहर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार इज़ाफा हो रहा है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, सड़कों की खराब स्थिति और ड्राइवरों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें इस समस्या को और गंभीर बना रही हैं।
शहर के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इस घटना के बाद फिर से यह मांग उठाई है कि हिट एंड रन मामलों के लिए कानून और अधिक सख्त किए जाएं और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई हो। इसके साथ ही, घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग ज़ोर पकड़ रही है।
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी चालक से पूछताछ जारी है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जयपुर जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं और आम नागरिकों के मन में भय का माहौल पैदा कर रही हैं।


