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Ram Mandir Donation Probe: SIT ने सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट, जांच जारी, जरूरत पड़ी तो मांगा जाएगा अतिरिक्त समय

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Ram Mandir Donation Probe: SIT ने सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट, जांच जारी, जरूरत पड़ी तो मांगा जाएगा अतिरिक्त समय

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। एसआईटी प्रमुख एवं लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। हालांकि रिपोर्ट की सामग्री को गोपनीय रखा गया है और जांच अभी जारी है।

विजय विश्वास पंत ने कहा कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट अगले 15 दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनकी पड़ताल के लिए एसआईटी सरकार से अतिरिक्त समय भी मांग सकती है।

सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में कुछ कर्मचारियों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी शामिल है। ऐसे में अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

एसआईटी ने मामले की गहराई से जांच के लिए अतिरिक्त समय और कुछ अधिकारियों की भी मांग की है। जांच दल अब दानपात्रों, सोने-चांदी के आभूषणों, नकद चढ़ावे और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल कर रहा है।

गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरत्न शामिल हैं। समिति को मंदिर में दान राशि और वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद फिलहाल मंदिर परिसर में एसआईटी की गतिविधियां शांत हो गई हैं। जांच से जुड़े अधिकारी और तकनीकी स्टाफ अयोध्या से लौट चुके हैं। अब पूरे मामले में सरकार के अगले निर्देश और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।

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