प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें की बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल : श्री दत्त शर्मा
* महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली, 27 सितम्बर का दिन भारत के इतिहास में इसलिए दर्ज होगा कि इस दिन प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी नें बिहार की करीब 75 लाख महिलाओं के खाते में केवल एक बटन दबा आत्मनिर्भर बनने के लिए दस-दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की | यह कहना है घोंडा के पूर्व विधायक श्री दत्त शर्मा का | श्री दत्त शर्मा कहते हैं आज़ादी के बाद एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कभी भी इतनी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ओर कोई कदम नहीं उठाया गया |
श्री दत्त शर्मा कहते हैं विपक्षी दलों खासतौर से कांग्रेस और राजद के इस निर्णय से तोते उड़ गए हैं और इनकी पार्टी के नेता प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की आलोचना कर रहे हैं जो ना केवल बिहार की जनता देख रही है अपितु पूरे देश की जनता महसूस कर रही है आलोचना करने वाले दलों नें आज तक महिलाओं के उत्थान के लिए कोई योजना नहीं बनाई और यदि भारतीय जनता पार्टी इस ओर कोई सकारात्मक कदम उठा रही है तो कांग्रेस और राजद को वह भी हजम नहीं हो रहा |
श्री दत्त शर्मा कहते हैं प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को पहली किस्त दस-दस हजार रु की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने के निर्णय से 75 सौ करोड़ यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई शुरुआत है। सिलाई-बुनाई, खेती या पशुपालन जैसे छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई यह पहल बिहार की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने वाली साबित होगी | श्री दत्त शर्मा कहते हैं प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी हर वर्ग के लिए सोचते है और इस तरह का निर्णय केवल बिहार में ही नहीं लिया गया बल्कि कई भाजपा शासित राज्यों में महिला सम्मान के लिए उनके निर्देशानुसार योजनाएं बनाई गई है उन्हें पूरा करके दिखाया है | श्रीदत्त शर्मा कहते हैं दिल्ली की विपक्षी पार्टियों के नेता जो हल्ला काट रहे हैं क्या उनके पास इस सवाल का जवाब है उनकी पार्टियों नें सत्ता में रहते हुए ऐसी योजना क्यों नहीं बनाई | और आज भी कई राज्यों में उनकी सरकार है जरा वहां भी इस योजना को शुरू कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम बढ़ाएं | या केवल अच्छे निर्णयों की आलोचना करना ही उन्हें आता है |
श्री दत्त शर्मा कहते हैं महिला रोजगार योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है। इस पहल से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी, बल्कि वे अपने परिवार और समाज में भी सम्मानजनक स्थान हासिल कर सकेंगी। खास बात यह है कि रोजगार शुरू करने के बाद महिलाओं को उनके व्यवसाय की प्रगति के आधार पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी देने का प्रावधान इस योजना में है यह कदम महिलाओं को लंबे समय तक मजबूत आर्थिक आधार देने में सहायक साबित होगा। श्री दत्त शर्मा कहते हैं इस योजना से बिहार के करोड़ों परिवारों की महिलाओं को सीधे लाभ मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा। स्वरोजगार और वित्तीय सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकेंगी।



