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Prayagraj Murder Case: बेटे ने माता-पिता और बहन की हत्या की, फिर दोस्त ने उसे भी मार डाला, 12 घंटे में खुला चार हत्याओं का राज

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Prayagraj Murder Case: बेटे ने माता-पिता और बहन की हत्या की, फिर दोस्त ने उसे भी मार डाला, 12 घंटे में खुला चार हत्याओं का राज

उत्तर प्रदेश के Prayagraj में हुए सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। करोड़पति कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की हत्या के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि परिवार का ही बेटा निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि कारोबारी के बड़े बेटे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पहले अपने माता-पिता और बहन की हत्या की, लेकिन बाद में लालच और डर के चलते दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।

यह खौफनाक मामला प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके का है। पुलिस को एक मकान के अंदर से तीन शव बरामद हुए थे, जिनकी पहचान 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी वैश्य के रूप में हुई। तीनों शवों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ हो गया था कि उनकी हत्या की गई है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को घर के नीचे बनी मार्केट की एक दुकान से एक और शव मिला। बाद में उसकी पहचान वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक के रूप में हुई। हालांकि इस दौरान पुलिस उस समय उलझन में पड़ गई, जब दुकान के अंदर बिजली के बोर्ड पर लिखा मिला — “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” शुरुआत में यह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश लगी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरा मामला सामने आ गया।

Jogendra Kumar ने बताया कि मृतक कारोबारी वीरेंद्र वैश्य अपने बेटे अभिषेक को संपत्ति से बेदखल करने वाले थे। अभिषेक भारी कर्ज में डूबा हुआ था और उसकी गतिविधियों को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था। इसी नाराजगी में उसने अपने पड़ोसी और दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची।

पुलिस जांच में सामने आया कि 31 मई की शाम दोनों ने पहले साथ बैठकर कचौड़ी खाई और बीयर पी। इसके बाद शाम करीब पांच बजे जब मीनाक्षी दुकान खोलने के लिए नीचे आ रही थी, तभी दोनों ने सीढ़ियों पर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घसीटकर ऊपर ले जाया गया। इसके बाद दोनों ने कमरे में सो रहे बुजुर्ग माता-पिता की भी बेरहमी से हत्या कर दी।

तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घर में रखे करोड़ों रुपये के जेवरात लेकर नीचे दुकान में पहुंचे, जहां लूट के सामान के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान सनी गुप्ता के मन में डर और लालच पैदा हो गया। उसे लगा कि जो व्यक्ति अपने मां-बाप और बहन की हत्या कर सकता है, वह कभी भी उसके लिए भी खतरा बन सकता है।

इसके बाद सनी ने लोहे के पाइप से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव की पहचान मिटाने के लिए उस पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाल दिया। इतना ही नहीं, उसने सरफ और अन्य चीजों से खून के धब्बे साफ करने की भी कोशिश की।

पुलिस को गुमराह करने के लिए घटनास्थल पर लाल पेन से गत्ते पर “बंटी, बबली और बहू ने मारा” लिखकर छोड़ा गया था, ताकि हत्या का शक किसी और दिशा में जाए। लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले को महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने पांच विशेष टीमों का गठन किया था। लगातार जांच और छापेमारी के बाद पुलिस ने आरोपी सनी गुप्ता को उसके मुट्ठीगंज स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

पुलिस के अनुसार, इस वारदात में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात लूटे गए थे। पुलिस अब बाकी सामान की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इस सामूहिक हत्याकांड ने पूरे प्रयागराज शहर को दहला कर रख दिया है।

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