सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में LOC पर भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत की शक्ति दिखाई

2 मिनट पढ़ें
Advertisement

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में LOC पर भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत की शक्ति दिखाई

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर दुश्मन की आक्रामक गतिविधियों का करारा जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों का सफलतापूर्वक उपयोग किया। यह अभियान ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है, जहां मेड-इन-इंडिया तोपों ने अपनी मारक क्षमता और सटीकता से दुश्मन के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।

भारतीय सेना के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के 20 से अधिक रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें आतंकी शिविर, लॉन्च पैड और ऐसी चौकियाँ शामिल थीं जो सीमा पार से घुसपैठ को समर्थन देती थीं। सेना की ओर से 600 से अधिक राउंड फायर किए गए, जिससे दुश्मन के इन बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान हुआ।

Advertisement

सेना के एक अधिकारी ने बताया, “हम भारतीय सशस्त्र बल जानते हैं कि इन कायरों को ताबूत में कैसे डालना है और यही ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य था।” उन्होंने कहा कि जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ, तोपखाने की टीम पूरी तत्परता से तैनात हो गई और अपने आदेश का इंतज़ार करने लगी। आदेश मिलते ही सेना ने तेज़ी से दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाते हुए उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया।

इस ऑपरेशन ने जहां दुश्मन को करारा जवाब दिया, वहीं यह भी साबित कर दिया कि भारतीय सेना अब विदेशी तकनीक पर निर्भर नहीं है। मेड-इन-इंडिया हथियार प्रणाली की सफलता से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है। इस अभियान को न केवल सामरिक दृष्टि से बल्कि तकनीकी स्वदेशीकरण के लिहाज़ से भी एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *