Singapore COVID19: सिंगापुर में कोरोना की नई लहर, हांगकांग-बैंकॉक में भी बढ़े COVID-19 केस, क्या भारत तक पहुंच गया है खतरा?
पिछले कुछ महीनों में एशिया के कई प्रमुख शहरों में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सिंगापुर, हांगकांग और बैंकॉक जैसे घनी आबादी वाले शहरों में COVID-19 संक्रमण की नई लहर ने मेडिकल विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना के इन बढ़ते मामलों ने इस क्षेत्र के लोगों और स्वास्थ्य विभागों को सतर्क कर दिया है, जबकि भारत में भी इस लहर के संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है।
सिंगापुर में इस साल अप्रैल के महीने में कोरोना के 14,200 से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत ज्यादा हैं। यह तेजी संक्रमण के नए वेरिएंट्स और पिछले स्ट्रेन के मुकाबले वायरस के व्यापक फैलाव का संकेत माना जा रहा है। सिंगापुर स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 133 तक पहुंच चुकी है, जो पहले 102 थी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि ये नए वेरिएंट अधिक संक्रामक या घातक हैं या नहीं।
विशेषज्ञों ने बताया कि सिंगापुर में जो कोविड केस तेजी से बढ़ रहे हैं, उनका कारण LF.7 और NB.1 नाम के नए वेरिएंट हैं, जो JN.1 स्ट्रेन से संबंधित हैं। इन वेरिएंट के कारण संक्रमित मरीजों में बहती नाक, गले में खराश और बुखार जैसे सामान्य लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन वेरिएंट्स ने सिंगापुर में सामने आने वाले मामलों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बना लिया है।
सिंगापुर के अलावा हांगकांग और बैंकॉक में भी कोरोना संक्रमण में इजाफा हुआ है। थाईलैंड में हाल ही में हुए सोंगक्रान फेस्टिवल के बाद कोरोना केस बढ़ने लगे हैं, जो बड़ी जनसमूह वाली जगहों पर संक्रमण के फैलने का संकेत है। चीन में भी कोविड के मामले पिछली गर्मियों के चरम स्तर के करीब पहुंच गए हैं।
इस बीच भारत में फिलहाल कोरोना संक्रमण की नई लहर के कोई मजबूत संकेत नहीं मिले हैं। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के COVID-19 डैशबोर्ड के अनुसार, देश में वर्तमान में 93 सक्रिय कोविड केस हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में अभी संक्रमण का स्तर नियंत्रित है और कोई नई लहर की संभावना कम है। हालांकि, डॉक्टर्स ने सावधानी बरतने पर जोर दिया है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए।
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि एशिया के इस हिस्से में कोरोना की बढ़ती लहर को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण और बूस्टर डोज़ का समय पर लेना बेहद जरूरी है। वे यह भी सलाह देते हैं कि जहां संभव हो, मास्क पहनना और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमण की निगरानी कर रहा है और अगर जरूरत पड़ी तो नए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
भारत समेत पूरे एशिया में कोरोना संक्रमण की इस नई लहर को रोकने के लिए लोगों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। हर व्यक्ति को खुद और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य नियमों का पालन करना चाहिए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।



