Israel Embassy Attack: अमेरिका में इजरायली अफसरों की हत्या पर नेतन्याहू का ऐलान – “खून का बदला खून से लेंगे”
वॉशिंगटन में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। यह घटना गुरुवार को अमेरिका की राजधानी में स्थित एक यहूदी म्यूजियम के पास हुई, जहां अज्ञात हमलावर ने इजरायली दूतावास से जुड़े दो अधिकारियों को गोली मार दी। इस हमले में एक महिला अधिकारी भी मारी गई है। हमले के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के वक्त वह ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगा रहा था। अमेरिकी प्रशासन ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस क्रूर हमले को यहूदियों के खिलाफ बढ़ते वैश्विक नफरत का परिणाम बताया और स्पष्ट कहा, “खून का बदला खून से लिया जाएगा।” नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायल इस हमले को हल्के में नहीं लेगा और इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी से फोन पर बात की और इस वारदात की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने अमेरिका में मौजूद इजरायली राजदूत येचिएल लीटर से भी तत्काल संपर्क कर पूरी घटना का ब्यौरा लिया और कहा कि इजरायली मिशन और उनके कर्मचारियों को हर संभव समर्थन दिया जाएगा। नेतन्याहू ने दुनिया भर के सभी इजरायली दूतावासों और राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश भी दिए हैं।
इस घटना के बाद अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने नेतन्याहू को आश्वस्त किया कि हमलावर को कड़ी सजा दी जाएगी। बॉन्डी ने बताया कि हमले में मारे गए दोनों अफसर एक युवा जोड़ा थे, जिनकी जल्द ही सगाई होने वाली थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस घटना से बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने मित्र इजरायल के साथ खड़ा है और इस कायराना हमले को अंजाम देने वाले को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जब पीड़ित म्यूजियम में चल रहे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावर ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमलावर बाद में म्यूजियम के भीतर चला गया, जहां पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी हथकड़ी में ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाता नजर आता है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस हमले को यहूदी विरोध और फिलिस्तीनी उग्रवाद से जोड़ते हुए कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि इजरायल के खिलाफ छेड़ी गई वैश्विक जंग का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “हमारे नागरिकों की हत्या का बदला लिया जाएगा। हम हर मोर्चे पर इसका जवाब देंगे। इजरायल कभी अपने नागरिकों की हत्या को नजरअंदाज नहीं करता।”
यह हमला ऐसे वक्त पर हुआ है जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी तट पर तनाव पहले से ही चरम पर है। इस बीच ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में इजरायली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है, जिससे तनाव और गहराता नजर आ रहा है।
नेतन्याहू के बयान और अमेरिका की प्रतिक्रिया के बाद यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल दो लोगों की हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके नतीजे वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों पर गहरे असर डाल सकते हैं।



