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Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में 359 की मौत, 285 भारतीयों से संपर्क नहीं; भारतीय नागरिकों की मदद के लिए सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम

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Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में 359 की मौत, 285 भारतीयों से संपर्क नहीं; भारतीय नागरिकों की मदद के लिए सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम

नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। गुरुवार तक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में फंसे और प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। 27 अगस्त शाम 6:45 बजे तक 285 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी सामने आई है।

विदेश मंत्रालय की ओर से नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए फोन, व्हाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से संपर्क की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। इन व्यवस्थाओं के जरिए प्रभावित भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित इलाकों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण कई लोगों से संपर्क स्थापित करने में परेशानी आ रही है। ऐसे में जिन भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनके बारे में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की मदद से जानकारी जुटाई जा रही है।

इस बीच राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कुछ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। जानकारी के मुताबिक, त्रिशूली-1 परियोजना से जुड़े 33 कर्मचारियों को बचाया गया है। इसके अलावा तमिलनाडु के 21 लोगों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

भारत सरकार की ओर से स्थापित कंट्रोल रूम नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों, उनके परिवारों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम कर रहा है। जिन परिवारों का अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे उपलब्ध जानकारी साझा करने को कहा गया है, ताकि उनकी तलाश में मदद मिल सके।

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ से कई जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। गुरुवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 359 हो गई। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

सबसे अधिक शव चितवन और नवलपरासी ईस्ट से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन इलाकों में बाढ़ के कारण कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे खोज और बचाव अभियान की समीक्षा की तथा अधिकारियों से मौजूदा हालात के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों की प्रगति और प्रभावित लोगों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

नुवाकोट पहुंचने के बाद बालेन शाह ने बट्टार बाजार स्थित सेना प्रशिक्षण केंद्र में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों, लापता लोगों की तलाश, बचाव अभियान और राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी गई।

नुवाकोट जिले के देवीघाट इलाके में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई सड़कें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ के कारण कुछ परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो जाने से उनके सामने रहने और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अब भी कुछ लोगों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में अभियान चला रही हैं। प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने और बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी व्यवस्था करने की कोशिश भी की जा रही है।

देवीघाट के निवासी जनक बहादुर नेपाली ने बताया कि बाढ़ में उनका घर पूरी तरह तबाह हो गया। उनके मुताबिक, आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को भोजन और रहने की व्यवस्था में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ से घर और जरूरी सामान गंवा चुके लोगों को तत्काल राहत की आवश्यकता है।

कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने भी चुनौतियां हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के कारण कुछ इलाकों तक पहुंचने में समय लग रहा है। इसके बावजूद पुलिस, सेना और राहत एजेंसियों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं।

नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए भी बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय मिशनों को भी सक्रिय किया गया है। भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित करने और उनके बारे में जानकारी जुटाने का काम जारी है।

फिलहाल 285 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी है। हालांकि संपर्क न हो पाने का अर्थ उनके हताहत होने की पुष्टि नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क, बिजली और सड़क संपर्क बाधित होने जैसी परिस्थितियों के कारण भी लोगों से संपर्क स्थापित करने में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मृतकों की संख्या 359 तक पहुंचने और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के बीच नेपाल सरकार के सामने प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की बड़ी चुनौती है। वहीं भारत सरकार अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने, उन्हें सुरक्षित निकालने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।

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